जूना अखाड़े के नगर प्रवेश में शामिल साधु संत।
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सिंहासन पर सवार होकर निकले साधु-संत
छत्र, चंवर के साथ सिंहासनारूढ़ संत भी इस शोभायात्रा में शामिल हुए तो भस्म-भभूत के साथ तलवार, भाला और त्रिशूल धारण किए साधु भी हर किसी का बरबस ध्यान खींचते रहे। काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगदगुरु नरेंद्रानंद सरस्वती, नगर देवता वेणी माधव की पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर वैभव गिरि, जगदगुरु महेंद्रानंद गिरि,जगदगुरु भुवनेश्वरीनंद गिरि, रमता पंच के श्रीमहंत मोहन गिरि, महंत निरंजन भारती, महंत रामचंद्र गिरि,महंत दूध पुरी, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय सभापति महंत प्रेम गिरि,दूधेश्वर पीठाधीश्वर और जूना अखाडा के प्रवक्ता महंत नारायण गिरि,पूर्व सभापति महंत उमा शंकर भारती, महंत शैलेंद्र गिरि, महंत महेश पुरी, थानापति मुन्ना गिरि, थानापति कुशपुरी,थानापति धर्मेंद्र गिरि,महंत द्विजपुरी,महंत मोहन गिरि,महंत कमल भारती,महामंडलेश्वर विद्या चेतन सरस्वती, आचार्य महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, महामंडलेश्वर पवित्रानंद सरस्वती,महंत विद्यानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर रवि चित्र महराज ने नगर प्रवेश यात्रा में हिस्सा लिया।