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सच्चिदानंद बर्खास्त, छिनी महामंडलेश्वर की पदवी

Fri, 07 Aug 2015 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। डिस्कोथेक बीयर बार और रियल एस्टेट कारोबारी सचिन दत्ता से महामंडलेश्वर बने सच्चिदानंद गिरि को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के मोरी, दारागंज, इलाहाबाद स्थित मुख्यालय के पैड पर जारी पत्र के मुताबिक त्र्यंबकेश्वर, नासिक में हुई पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की कार्यकारिणी की बैठक में विवादित सच्चिदानंद गिरि को सर्वसम्मति से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
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वहीं नासिक से फोन पर बातचीत में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट पर सच्चिदानंद गिरि पर लगे कई आरोप सही पाए गए। संन्यासी होने के बाद भी उनका रियल एस्टेट जैसे कारोबार से जुड़े रहना और घर-परिवार से नाता रखना, आना-जाना संन्यास की परंपरा को खंडित करता है। कुल मिलाकर उनका कार्य-व्यवहार महामंडलेश्वर पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। ऐसे में उनका महामंडलेश्वर जैसे पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। अब उनकी इच्छा है कि वह जिस रूप में चाहें, रहें।

इससे पहले निरंजनी के सचिव और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने नासिक पहुंचकर अखाड़े के वरिष्ठ सदस्यों, पदाधिकारियों और श्रीमहंतों के साथ सच्चिदानंद मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। कार्यकारिणी की बैठक में ही सच्चिदानंद मुद्दे के लिए बनाई गई जांच समिति के सदस्यों ने रिपोर्ट पेश की जिस पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से उन्हें महामंडलेश्वर पद से बर्खास्त किए जाने का निर्णय लिया गया। अब वह अखाड़े की पेशवाई, शाही स्नान सहित किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान में किसी पद या पदवी के साथ शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी के साथ सच्चिदानंद को लेकर गुरु पूर्णिमा से शुरू विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है।
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