सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के आरोपी तहसीलदार संतोष कुमार और आरटीआई कार्यकर्ता त्रिलोकी सिंह के बीच सोेमवार सुबह फिर टकराव हो गया। त्रिलोकी का आरोप है कि तहसीलदार ने घर में घुसकर मारपीट तथा पत्नी से बदसलूकी की। तहसीलदार का आरोप है कि उन पर हमला किया गया। उनके चचेरे भाई का सिर फट गया। पुलिस ने इस घटना में मौके से तहसीलदार की तरफ से नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
बद्री आवास योजना रसूलाबाद निवासी त्रिलोकी सिंह ने एडीए और एसडीएम सदर से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेकर बड़ा बघाड़ा में रहने वाले तहसीलदार संतोष सोनकर के खिलाफ शिकायत की थी कि वह नया पूरा स्टेनली रोड स्थित राजकीय आस्थान की जमीन पर अवैध रूप से निर्माण करा रहे हैं। उनकी शिकायतों के चलते लेखपाल ब्रजलाल कुशवाहा की रिपोर्ट पर निर्माण रोककर शिवकुटी थाने में तहसीलदार संतोष सोनकर के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत केस लिखा गया। तहसीलदार संतोष की तैनाती पट्टी प्रतापगढ़ में है। आरटीआई कार्यकर्ता त्रिलोकी का आरोप है कि इसी रंजिश में तहसीलदार के साले कैलाश सोनकर समेत कई लोगों ने 28 सितंबर की सुबह उन पर रसूलाबाद में स्थित संगम वाटिका में हमला किया गया जब वह टहलने गए थे। चार रोज बाद
डीआईजी के आदेश पर तहसीलदार के खिलाफ केस लिखा गया।
उधर, तहसीलदार संतोष का आरोप है कि त्रिलोकी ने उन्हें धोखा देकर बद्री आवास योजना में उनके मित्र राजेश का मकान अपनी पत्नी रीता के नाम लिखा लिया। किराएदार भी रख लिए। जनवरी में संतोष की ओर से इस बाबत त्रिलोकी के खिलाफ केस लिखाया गया था। सोमवार सुबह तहसीलदार चचेरे भाई शैलेंद्र समेत कई लोगो संग उसी मकान पर गए जहां त्रिलोकी से उनका झगड़ा हो गया। मारपीट होने लगी। शैलेंद्र के सिर पर चोट पहुंची। खबर पाकर पहुंची पुलिस संतोष को शैलेंद्र समेत थाने ले गई। थानाध्यक्ष अरविंद त्रिवेदी के मुताबिक, तहसीलदार की तहरीर पर त्रिलोकी और उनके बेटों परिमल तथा ऋषभ के खिलाफ मारपीट, हमले तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत केस लिखा गया है। त्रिलोकी ने भी थाने में तहरीर दी है।