इस दौरान ज्योतिष्पीठ विवाद पर स्वामी वासुदेवानंद से उनकी वार्ता हो सकती है। दरअसल, अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पट्टाभिषेक को गलत बताया है। कहा कि वह शंकराचार्य न हैं, न कभी हो सकते हैं। उन्हें संन्यास धारण करने का भी अधिकार नहीं है।
रात में 1.50 बजे प्रयागराज छिवकी से संघ प्रमुख संघ मित्रा एक्सप्रेस से चंद्रपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। बता दें कि संघ प्रमुख पिछले माह भी प्रयागराज आए थे। तब उन्होंने गोहनियां स्थित वात्सल्य परिसर में 12 से 21 अक्तूबर तक प्रवास किया था। इस दौरान 16 से 19 अक्तूबर तक आयोजित संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में भी उन्होंने शिरकत की थी।