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आरएसएस प्रतिपदा उत्सव : बिखरे हिंदू समाज को संगठित करने के लिए डॉ. हेडगेवार ने की थी संघ की स्थापना

Fri, 01 Apr 2022 08:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सुंदरम गेस्ट हाउस में वर्ष प्रतिपदा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे संघ के प्रांत प्रचारक ने कहा कि 97 वर्ष की कठोर साधना से संघ हिंदू समाज का दिल जीतने तथा पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाने में सफल रहा है।
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आरएसएस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश ने शुक्रवार को कहा कि बिखरे हिंदू समाज को संगठित करने के लिए ही डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना की। कांग्रेस के कार्यकर्ता के रूप में वह दो बार जेल गए। कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति और उसके मंचों पर वंदे मातरम के विरोध से व्यथित होकर डॉ. हेडगेवार ने अपनी राह बदल ली। 18 स्वयंसेवकों के साथ 27 सितंबर 1925 को उन्होंने नागपुर में संघ की स्थापना की। 

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सुंदरम गेस्ट हाउस में वर्ष प्रतिपदा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे संघ के प्रांत प्रचारक ने कहा कि 97 वर्ष की कठोर साधना से संघ हिंदू समाज का दिल जीतने तथा पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाने में सफल रहा है। प्रतिपदा उत्सव में गणवेश धारी स्वयं सेवकों से प्रणाम करने एवं हिंदू नववर्ष की बधाई देने के बाद कहा कि डॉ. हेडगेवार जन्मजात देश भक्त थे।

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शाखा के माध्यम से संघ दे रहा देशभक्ति का संदेश


विक्टोरिया के जन्मदिन पर उन्होंने मिठाई कूड़ेदान में फेंक दी थी। कोलकाता से डॉक्टरी की पढ़ाई करने के बाद सरकारी नौकरी को ठोकर मार उन्होंने देश की आजादी की कांटों भरी राह चुनी। देश को स्वतंत्रता दिलाना उन्होंने अपना पहला लक्ष्य बनाया। उस समय संघ में आने वाले स्वयंसेवक देश को स्वतंत्र कराने की ही प्रतिज्ञा किया करते थे।



उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग देश के लिए जीना सीखें। संघ का विश्वास है कि जब लोग देश के लिए जीना शुरू कर देंगे तब देश कभी गुलाम नहीं होगा । संघ अपनी शाखा के माध्यम से सामाजिक समरसता आत्मीयता राष्ट्रभक्ति की भावना तथा सामाजिक सद्भाव का संदेश दे रहा है। शाखाओं में खेल- खेल में राष्ट्रभक्ति का संस्कार कूट-कूट कर भर दिया जाता है।



देश पर जब भी संकट आया, संघ ने आगे बढ़कर उसका मुकाबला किया। 1948 में पाकिस्तान के हमले, 1962 में चीन की हमले का सामाजिक स्तर पर मुंह तोड़ जवाब संघ ने दिया। प्रतिपदा उत्सव में भाग संघचालक दशरथ, नगर संघचालक गिरधारी, डॉ. अजय, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. एमजे त्रिपाठी, प्रभात, श्याम सुंदर, संतोष, जय बाबू, राकेश, अनिल आदि मौजूद रहे। 
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