रेलवे के इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम के तहत आरपीएफ को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके तहत ए वन ग्रेड के सभी स्टेशनों की निगरानी के लिए सुरक्षा बलों को आधुनिक सेगवे (दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन) से लैस किया जाएगा। पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत मुंबई के प्रमुख रेलवे स्टेशनों एवं अहमदाबाद में आरपीएफ को स्थानीय जोनल रेलवे ने सेगवे उपलब्ध करा दिया है। अब इसी क्रम में उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन ने भी अपने ए वन ग्रेड के इलाहाबाद जंक्शन समेत छह प्रमुख रेलवे स्टेशन पर सैगवे से आरपीएफ को लैस करने की तैयारी की है। इसके अलावा जवानों को बाडीवार्म कैमरे से भी लैस करने की तैयारी चल रही है।
सैगवे बैटरी से संचालित दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहन है। देश के प्रमुख एयरपोर्ट में सुरक्षा के मद्देनजर इसका इस्तेमाल सुरक्षा कर्मी कर रहे हैं। ट्रायल के तौर पर इसका उपयोग रेलवे में मुंबई के प्रमुख रेलवे स्टेशनों एवं अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर किया गया है। इसकी मदद से रेलवे स्टेशन के हर क्षेत्र खासतौर से लंबे प्लेटफार्म पर नजर रखने में आरपीएफ को आसानी होगी। इसकी मदद से आरपीएफ कर्मी की गश्त भी आसान होगी। एक बार बैटरी चार्ज करने के बाद सेगवे तीन से चार घंटे तक चल सकता है। प्लेटफार्म के एक कोने से दूसरे कोने तक भी इसकी मदद से आरपीएफ कर्मी जल्दी पहुंच सकेंगी।
सकी मदद से स्टेशन की सुरक्षा में बढ़ोत्तरी होगी तथा किसी भी स्थिति में सुरक्षा बल कम समय में रिस्पांस दे सकेंगे। हालांकि जोनल रेलवे को इसे अपने स्तर से ही इसे खरीदना होगा। इस बारे में एनसीआर के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त एसएन पांडेय का कहना है कि जोन के इलाहाबाद जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी, मथुरा जंक्शन पर सुरक्षा के लिए सेगवे खरीदने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा जवानों को बॉडीवार्म कैमरे से भी लैस किया जाना है। खास तरह के यह कैमरे जवानों की वर्दी पर ही लगाए जाते हैं।