जाली मार्कशीट भी बनाने का शक
डीसीपी ने बातया कि आरोपी के कब्जे से डिवाइस के अलावा एक मोबाइल, 16 मार्कशीट, चार चेकबुक सहित 77 चेक, चार शपथपत्र, तीन मोबाइल, तीन पासबुक, निवास प्रमाणपत्र, उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, पर्स बरामद हुआ है। इनमें से नौ मार्कशीट जाली हैं। ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि वह जाली मार्कशीट भी बनवाता हो। इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, उसने यही बताया है कि पेपर सॉल्व कराने के नाम पर वह एडवांस रकम के साथ अभ्यर्थियों से उनके शैक्षिक प्रमाणपत्र भी ले लेता था। पेमेंट मिलने के बाद वह इन्हें वापस करता था।
पूर्व में जा चुका है जेल
एसीपी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी पूर्व में बीएड परीक्षा में भी पेपर सॉल्व करा चुका है। इस मामले में वह वाराणसी के ही मंडुवाडीह थाने से जेल भी जा चुका है। फिलहाल, अब तक कि पूछताछ में उसने यही बात बताई है कि इस काम को वह अकेले ही करता था। उसका अन्य कोई सहयोगी नहीं है। उसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई जा रही है, ताकि पता चल सके कि वह किन लोगों के संपर्क में था।
कपड़ों की दुकान चलाता है आरोपी
आरोपी वाराणसी के जंसा बाजार में ही कपड़ों की दुकान चलाता है। उसने पूछताछ में यह भी बताया कि वह डिजिटल लाइब्रेरी के आसपास घूमकर ऐसे छात्रों की तलाश करता था, जो प्रतियाेगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी हों। इसके बाद वह उनसे पेपर सॉल्व कराने की डील करता था। यह भी बताया कि उसने डिवाइस ऑनलाइन खरीदी थी। उधर, अभ्यर्थी सुजीत ने बताया कि उसके पिता किसान हैं।