ट्रेनों के रिजर्व कोचों में अब दृष्टि बाधित यात्रियों को बर्थ ढूंढने में दिक्कत नहीं होगी। पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुरूप रेलवे वाराणसी-मैसूर एक्सप्रेस के बाद अब जल्द ही कई अन्य ट्रेनों में भी इस तरह के साइनेज लगाने जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में इसकी शुरूआत प्रयागराज एक्सप्रेस से होगी। इसके बाद इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में इसी वर्ष इस तरह के कोच लगा दिए जाएंगे। रेलवे ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दृष्टि बाधित मुसाफिरों को सफर के दौरान ट्रेनों में अपनी बर्थ ढूंढने में काफी परेशानी होती है। इस समस्या का निदान करने के लिए रेलवे ने तय किया कि सभी ट्रेनों के आरक्षित कोचों में बर्थ नंबर वाले स्थान पर ब्रेल लिपि में बर्थ संख्या अंकित की जाए। ताकि दृष्टि बाधित मुसाफिर आसानी से अपनी सीट तक पहुंच सके। पिछले साल इस तरह का एक मॉडल कोच चेन्नई कोच फैक्ट्री ने तैयार किया। इसके बाद अब रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में भी इस तरह के कोच तैयार किए जा रहे हैं। वर्तमान समय वाराणसी-मैसूर एक्सप्रेस में इस तरह के साइनेज वाले कोच लगाये गए हैं। इसी कड़ी में एनसीआर ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
सबसे पहले इस तरह के कोच प्रयागराज एक्सप्रेस में लगाने की तैयारी है। प्रयागराज के अलावा इलाहाबाद-जयपुर, कानपुर-नई दिल्ली श्रमशक्ति एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में भी इस तरह के कोच लगाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि इन कोचों की हर एक बर्थ में ब्रेल लिपि में नंबर लगाएं जाएंगे। इसके अलावा कोच के टॉयलेट, वॉश बेसिन और दरवाजों में भी ब्रेल पहचान के संकेत लगाए गए हैं। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ बिजय कुमार ने बताया कि एनसीआर की ट्रेनों में ब्रेल साइनेज लगाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए टेंडर भी निकाला जा चुका है।