इलाहाबाद। रेल मंत्री सुरेश प्रभु की पहल पर रेलवे ट्विटर पर यात्रियों की हर रोज ढेरों समस्याओं का समाधान कर रहा है। लेकिन सफर के दौरान मौखिक शिकायत पर घायल यात्री के प्राथमिक इलाज की व्यवस्था से रेलवे अब भी दूर है। कम से कम शुक्रवार की रात प्रयागराज एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला के साथ जो हुआ उसे देखकर यह कहा जा सकता है। रात में सोने के दौरान अपनी बर्थ से नीचे गिर जाने की वजह से महिला घायल हुई तो उसके पति ने ट्रेन में मौजूद रेलवे के चेकिंग स्टाफ से मदद की गुहार लगाई, लेकिन रेलवे प्राथमिक उपचार के लिए डाक्टर उपलब्ध नहीं करा सका। बाद में गाजियाबाद पहुंचने पर उसके पति ने उसे एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती करवाया।
साउथ मलाका निवासी मोहम्मद अफजल अपनी पत्नी शहागुफ्ता (35) और बेेटे एरहान के साथ शुक्रवार की रात प्रयागराज एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हुए। एस-6 कोच में उनकी 13 एवं 14 बर्थ आरक्षित थी। रात में टूंडला के आसपास नींद में उनकी पत्नी अपनी बर्थ से नीचे गिर गई। नीचे गिरने की वजह से शहागुफ्ता के सिर से खून निकलने लगा। इस दौरान उसके पति ने ट्रेन में मौजूद रेलवे के चेकिंग स्टाफ से प्राथमिक उपचार के लिए डाक्टर की गुहार की। लेकिन आईएसओ सर्टिफिाइड ट्रेन प्रयागराज में घायल महिला के इलाज के लिए रेलवे डॉक्टर नहीं उपलब्ध करा सका। सुबह गाजियाबाद पहुंचने के बाद अफजल ने अपनी पत्नी को निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। अफजल के मुताबिक उसकी पत्नी के सिर पर टांके लगाएं गए हैं। इस बारे में एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय का कहना है कि यात्रियों को ट्रेन में प्राथमिक उपचार आदि की सुविधाएं रेलवे मुहैया कराता है। अगर कहीं चूक हुई तो उसकी जांच करवाई जाएगी।