किसी और गाड़ी का नंबर लिखकर स्कॉर्पियो से घूम रहा लुटेरा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सिविल लाइंस में चेकिंग के दौरान रोकने की कोशिश पर उसने गाड़ी लेकर भागने की कोशिश की। जिस पर घेराबंदी कर उसे बेली चौकी के सामने साथी समेत गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को दोनों जेल भेज दिए गए।
सिविल लाइंस में दोपहर में एडीजी जोन प्रेम प्रकाश अन्य अफसरों संग चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उधर से एक स्कॉर्पियो गुजरते दिखाई दी। रुकने का इशारा करने पर चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और सरदार पटेल मार्ग की ओर से भागने लगा। अफसरों के निर्देश पर पुलिस टीमों ने स्कॉर्पियो का पीछा कर लिया, जो सिविल लाइंस से स्टैनली रोड की ओर जाने लगी। वायरलेस सेट पर मैसेज प्रसारित हुआ तो बेली चौकी इंचार्ज इंदू वर्मा ने अपनी टीम संग चौकी के सामने लगे बैरियर पर स्कॉर्पियो को रोक लिया। पुलिस को देख चालक ने गाड़ी बैक कर भागने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने साथी समेत उसे हिरासत में ले लिया।
गाड़ी पर लिखे नंबर की जांच करने पर यह फर्जी निकला। जिसके बाद दोनों को गाड़ी समेत थाने लाया गया। यहां पूछताछ में उन्होंने अपना नाम संदीप सिंह उर्फ मोनू निवासी दशहरा सुजैनपुर थाना रसूलाबाद, कानपुर देहात और रौनक सिंह निवासी मलखानपुर रसूलाबाद कानपुर देहात बताया। गाड़ी के भीतर उसकी वास्तविक नंबर प्लेट भी मिली। पुलिस के पूछने पर दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके कि उन्होंने दूसरी गाड़ी की नंबर प्लेट क्यों लगाई। यह भी पता चला कि पकड़ा गया संदीप कानपुर देहात से चोरी और लूट के मामलों में जेल जा चुका है। कैंट पुलिस ने बताया कि संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शनिवार को उन्हेें कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिया गया।