बेगम सराय स्थित घाट पर शव का अंतिम संस्कार
रोडवेज बस चालक रावेंद्र की हत्या के बाद हंगामे से बचने के लिए बुधवार को पुलिस सक्रिय रही। पोस्टमार्टम हाउस में धूमनगंज थाना प्रभारी फोर्स के साथ पहुंंचे, वहीं दिनभर मुंडेरा चुंगी और मृतक के घर के पास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। देर शाम बेगम सराय स्थित घाट पर मृतक के शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
आठ भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था रावेंद्र
रावेंद्र परिवार में आठ भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था। वह संविदा पर रोडवेज में चालक था। नीमसराय में रावेंद्र अपनी पत्नी निशा देवी व बेटी रिया और बेटे सोनू के साथ रहता था। नरेेंद्र ने पुलिस से गुहार लगाई कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
आरोपियों पर कार्रवाई होगी तभी मिलेगी ठंडक...
बुधवार सुबह शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, चारों तरफ तरफ चीख पुकार मची रही। रावेंद्र के शव को देखकर पत्नी बिलख पड़ी और बोली कि आखिर तुम मुझे छोड़ कर क्यों चले गए... पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करेगी तभी कलेजे को ठंडक मिलेगी।
बाजार में सन्नाटा, पुलिस रही तैनात
घटना के बाद धूमनगंज बाजार में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा और कई दुकानें बंद रहीं। यहां पीएसी के अलावा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। बता दें कि पिछले तीन दिनों के भीतर धूमनगंज थाना क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी घटना हुई है।
देर से पहुंचने पर निलंबित हुए चौकी प्रभारी
जांच में पता चला कि सूचना के बावजूद चौकी प्रभारी देर से मौके पर पहुंचे और इससे पीड़ित परिजनों को चक्काजाम करने का मौका मिल गया। पूर्व में भी आरोपियों के खिलाफ शिकायत होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी राजेश कुमार चौबे को निलंबित कर दिया गया।
12 अक्तूबर को भी हुई थी एफआईआर
एक अन्य मामले में पूर्व मुंडेरा बाजार निवासी सिद्धार्थ केसरवानी ने भी आरोपियों पर 12 अक्तूबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत में बताया था कि दुकान के सामने कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में भी चौकी प्रभारी की लापरवाही सामने आई है।
हत्यारोपियों पर एनएसए, गैंगस्टर एक्ट के साथ संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई जाएगी। लापरवाही बरतने के आरोप में धूमनगंज थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। - जोगेंद्र कुमार, पुलिस आयुक्त