गंगा नदी पर बने शास्त्री पुल की ध्वस्त लेन की सड़क का निर्माण कार्य बृहस्पतिवार से शुरू कर दिया गया। पहले दिन सड़क को छीला गया। दारागंज-झूंसी के डाउन लेन की तकरीबन 2100 मीटर लंबी सड़क की पहले छिलाई की जाएगी। इसके बाद जगह-जगह हुए पैचिंग को हैमर मशीन से निकालकर भरा जाएगा। इसके बाद सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।
शास्त्री पुल की सड़क का मरम्मत कार्य 43 दिन तक चलेगा। तब तक पुल की दूसरी लेन से दोनों ओर के वाहनों को निकाला जाएगा। करोड़ों रुपये के बजट से शास्त्री पुल के प्रभावित लेन की सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सड़क का निर्माण कार्य का ठेका पीडब्लयूडी की ओर से प्राईवेट कंपनी को दिया गया है। प्रभावित लेन में कुल 65 पीलर तथा 63 पैनल हैं।
सभी पिलरों और पैनल पर भी मरम्मत कार्य होना है। लोक निर्माण विभाग खंड तीन के अवर अभियंता राजेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि सड़क के निर्माण कार्य के कारण प्रभावित लेन से भारी वाहनों के साथ ही दो व चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद किया गया है। दोनों लेन के वाहनों को एक ही लेन से गुजारा जा रहा है।
पांच घंटे तक लगा रहा जाम, लोग परेशान
शास्त्री पुल के मरम्मत कार्य के कारण बृहस्पतिवार को झूंसी से दारागंज जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग करके दोनों ओर के वाहनों को गुजारा गया। जिसके कारण पहले ही दिन वन वे ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। सुबह नौ बजे से ही झूंसी पुलिस बूथ से लेकर पूरे शास्त्री पुल पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। टीजीटी की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राएं भी काफी देर तक जाम के झाम में फंसे रहे।
जाम की जानकारी जब पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को हुई तो सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक शास्त्री पुल पर मरम्मत कार्य रोका गया। इसके बाद पुल की दोनों लेन से दो और चार वाहनों को गुजारा गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद बैरिकेडिंग करके प्रभावित लेन पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
दिन भर जाम से जूझता रहा फाफामऊ
रूट डायवर्जन होने के कारण फाफामऊ दिन भर जाम से जूझता रहा। तेलियरगंज से लेकर शांतिपुरम तक लगे जाम से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शास्त्री पुल पर मरम्मत का कार्य शुरू होने के कारण गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बनारस की ओर से आ रहे भारी वाहनों को सहसों, फाफामऊ की तरफ से ले जाया जा रहा है। फाफामऊ पुल पर वाहनों की संख्या बढ़ जाने के कारण वहां सुबह से शाम तक जाम की स्थिति रही।