फोटो कैप्शन: खस्ताहाल मांडा रोड-महेवा कला सड़क से गुजरते राहगीर।
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मांडारोड से महेवा कला गंगा घाट तक चार किलोमीटर की सड़क बदहाल है। गड्ढों में पानी और कीचड़ भरा है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। बरसात ने इस मार्ग की स्थिति को और खराब कर दिया है।
यह सड़क मांडारोड रेलवे स्टेशन, गंगा घाट, पीपा पुल और कई गांवों को जोड़ती है। गंगा नदी पर पक्के पुल का निर्माण कार्य भी इसी मार्ग से शुरू हुआ है। बढ़ते यातायात दबाव के कारण सड़क की बदहाली और समस्या बन गई है। नहवाई गांव के सामने 200 मीटर हिस्से में गहरे गड्ढे हैं जिनमें पानी भरा है।
डीएफसीसी रेल लाइन के समपार पर करीब एक फीट गहरा जलभराव है। मांडारोड रेलवे स्टेशन के पास 18 सी रेलवे फाटक पर स्थिति अधिक खराब है। आरओबी निर्माण के कारण करीब 300 मीटर सड़क खस्ताहाल हो गई है। यहां कीचड़ और फिसलन से रोजाना राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग हर वर्ष महेवा कला गंगा घाट पर पीपा पुल और पावर बोट चलाता है। मांडा, संत रविदास नगर-भदोही समेत कई गांवों के हजारों ग्रामीण इस मार्ग पर निर्भर हैं। ग्रामीण संजय शुक्ल, अमीर तिवारी, राम किशुन निषाद और प्रधान महेवा कला दीपक कुमार ने जलभराव, गड्ढों और दुर्घटना के खतरे को देखते हुए मरम्मत की मांग की है। जेई सत्यवीर ने बताया कि सड़क को योजना में शामिल कर मरम्मतीकरण कराया जाएगा।