अर्पित म्योराबाद का रहने वाला है। 21 अप्रैल को उसकी गिरफ्तारी के बाद ही बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज से आरओ-एआरओ भर्ती का पेपर लीक होने का खुलासा हुआ था। उसके बैंक अकाउंट का विवरण खंगालने पर एसटीएफ को चौंकाने वाली बातें पता चलीं।
आरओ-एआरओ भर्ती पेपर लीक प्रकरण में जेल भेजे गए अर्पित विनीत यशवंत पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। एसटीएफ की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि महीने में महज 10 हजार वेतन पाने वाला अर्पित हर महीने खाते में 10 लाख से ज्यादा का लेनदेन करता था। ईडी ने उसके बारे में एसटीएफ से विवरण मांगा है।
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अर्पित म्योराबाद का रहने वाला है। 21 अप्रैल को उसकी गिरफ्तारी के बाद ही बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज से आरओ-एआरओ भर्ती का पेपर लीक होने का खुलासा हुआ था। उसके बैंक अकाउंट का विवरण खंगालने पर एसटीएफ को चौंकाने वाली बातें पता चलीं। मालूम हुआ कि वह महज 10 हजार रुपये महीने कमाता था।
हालांकि, उसके खाते से 10 लाख से ज्यादा का लेनदेन होता था। खाते में ऑनलाइन ट्रांजक्शन के जरिये ही रुपयों का लेनदेन होता था। एसटीएफ उन खातों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिनसे अर्पित के खाते से रुपयों का लेनदेन किया जाता था।
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इस प्रकरण के आरोपियों पर दर्ज मनी लांड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी ने भी अर्पित के बैंक अकाउंट संबंधी विवरण एसटीएफ से मांगे हैं। माना जा रहा है कि विवरण मिलते ही ईडी इन खातों में हुए लेनदेन की जांच करेगी। इसके बाद अर्पित पर भी शिकंजा कसा जाएगा।