-उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पर छात्र विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप, प्रतियोगी करेंगे सांकेतिक विरोध
-20 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षा में प्रदेश भर में 3.61 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल
प्रयागराज। प्रतियोगी छात्रों ने 20 सितंबर को प्रस्तावित समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ, एआरओ) परीक्षा में काला कपड़ा पहनकर परीक्षा देने का निर्णय लिया है। परीक्षार्थियों का आरोप है कि पीसीएस परीक्षा में मनमाने तरीके से स्केलिंग लागू की गई है। इसीलिए यह फैसला किया गया है। आरओ-एआरओ परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी काले कुर्ते और काली शर्ट पहने दिखाई पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की किसी परीक्षा में पहली बार परीक्षार्थियों की ओर से इस प्रकार का विरोध किया जा रहा है।
छात्रों का यह विरोध पीसीएस-2018 परीक्षा में स्केलिंग लागू करने एवं स्थानीय छात्रों की उपेक्षा कर बाहरी छात्रों के चयन को लेकर है। छात्रों का कहना है कि आयोग के मनमाने निर्णय से उत्तर प्रदेश के परीक्षार्थी बाहर हो जा रहे हैं जबकि दूसरे राज्यों के छात्रों को मेरिट में जगह मिल रही है। छात्रों ने आयोग पर तानाशाही फरमान जारी करने का आरोप लगाया। अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से संख्या में छात्रों से अपना विरोध दर्ज कराने का आग्रह किया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आरओ-एआरओ परीक्षा 2016 का आयोजन दोबारा कराया जा रहा है। इससे पहले हुई परीक्षा में प्रश्रपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। 2016 में विज्ञापित आरओ-एआरओ के 361 पदों के लिए पहली बार हुई परीक्षा में 2.03 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा निरस्त होने के बाद अब एक बार फिर से आवेदन करने वाले 3.61 लाख परीक्षार्थी दावेदार हैं। परीक्षार्थियों के काला कपड़ा पहनकर सांकेतिक विरोध को देखते हुए यह परीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है।