देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोअखिलस्य/प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरि देवि चराचरस्य...।
जयंती मंगलाकाली भद्रकाली कपालिनी /दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा मनोस्तुते...। विश्व व्यापी विपत्तियों और महामारी के नाश के लिए दुर्गाशप्तसती में वर्णित इन मंत्रों के जाप साथ शक्ति पीठ कल्याणी देवी और मां ललिता देवी में नौ दिन तक अनुष्ठान होंगे। मां ललिता देवी के मंदिर के पांच पुजारी पूरे नवरात्रि महामारी के शमन के लिए अखंड दीप जलाकर दुर्गाशप्तशती के मंत्रों के जप के साथ ही अन्य अनुष्ठान करेंगे।
प्रमादी नाम नव संवत्सर की लॉक डाउन केबीच बुधवार की सुबह शुरुआत मीरापुर स्थित शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी के दरबार में मंगला आरती से होगी। इस दौरान मानवता की रक्षा और जन कल्याण के लिए विश्वव्यापी विपत्तियों के निवारण और महामारी नाश के लिए अखंड दीप जलाकर दुर्गा शप्तसथी का 110 बार शतचंडी संपुट पाठ होगा। आचार्य पं श्याम जी पाठक के आचार्यत्व में गोर, विपत्ति, महामारी दूर करने के लिए दुर्गाशप्तसती के संपुट मंत्रों से पाठ के साथ ही आहुतियां भी दी जाएंगी। ज्योति जलाई जाएगी। इसी तरह महा शक्तिपीठ ललिता देवी मंदिर में भी पांच पुजारी महामारी निवारण के लिए मंगला आरती के साथ ही अनुष्ठान आरंभ करेंगे। मां ललिता देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हरि मोहन वर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस जैसी विश्वव्यापी आपदा के शमन के लिए मां के दरबार में संकल्प लिया जाएगा। इस दौरान दोनों मंदिर पूरी तरह से बंद रहेंगे। भीतर सिर्फ पुजारी और आचार्य ही अनुष्ठानों कराएंगे। बाहर से आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन पर रोक लगा दी गई है।
अलोपशंकरी देवी मंदिर भी रहेगा बंद
शक्तिपीठ मां ओप शंकरी का भी मंदिर बुधवार को वासंतिक नवरात्रि के प्रथम दिन लॉक डाउन की वजह से बंद रहेगा। इस दौरान मंदिर के पुजारी और महंत ही रेंगे। इस दौरान मां के दरबार में नौै दिवसीय अनुष्ठानों की भी शुरुआत होगी।