without budget we will win the fight with corona
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कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग चाहे जो भी दावे कर रहा हो लेकिन हकीकत यही है कि उसके पास इस महामारी से निपटने के लिए बजट का अभाव है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो मास्क दिए गए और न सेनिटाइजर। चिकित्साकर्मियों के मांग बावजूद प्रोटेक्शन किट भी नहीं उपलब्ध कराई गई। इसको लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश भी है। मंगलवार को एसआरएन चिकित्सालय के डॉक्टरों ने नाराजगी भी जताई। प्रदर्शन कर प्रोटेक्शन किट आदि दिए जाने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से महीने भर से तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग पहले तो विदेशी यात्रियों को चिह्नित करने में ही लगा रहा। उसने शहर में मास्क, सेनेटाइजर आदि का वितरण ही नहंी किया। कई विभागों के अफसरों ने इसके लिए सीएमओ को पत्र भी लिखा लेकिन बजट का अभाव दिखाकर सीएमओ ने मास्क, सेनेटाइजर जैसी चीजों को देने से मना कर दिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर सेनिटाजेशन का कार्य किया गया लेकिन सेनिटाइजेशन का कार्य भी नगर निगम और मलेरिया विभाग ने अपने बजट से किया।
हफ्ते भर से एसआरएन में कोरोना ओपीडी शुरू हुई तो वहां काम करने वाले चिकित्सकों को भी प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट भी नहीं दे सका। थोड़े बहुत मास्क मुहैया कराने की बात कही जा रही है। सीएमओ डॉ. मेजर डीएस बाजपेयी कहते हैं कि कोरोना के मद में सरकार ने अभी अलग से कोई बजट जारी नहीं किया है। जो मांग की जा रही है, उसे पूरा किया जा रहा है।