इलाहाबाद संसदीय सीट से पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को भाजपा की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कांग्रेस में अंदरखाने खलबली मच गई है। रीता के लिए गुपचुप काम करने वाले पदाधिकारियों को लेकर पार्टी सतर्क हो गई है। बृहस्पतिवार को कौंधियारा ब्लाक के अध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। उन पर भाजपा उम्मीदवार के लिए काम करने का आरोप है। जिला, शहर और ब्लाक कमेटियों के करीब 10 पदाधिकारी चिह्नित किए गए हैं। जल्द ही उनके विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के संकेत मिले हैं।
लोस चुनाव में इलाहाबाद सीट पर कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस के कई नेताओं की निष्ठा पर सवाल खड़े किए जाने लगे हैं। पार्टी की जिम्मेदारी से जुड़े कुछ नेताओं पर रीता के संपर्क में रहने और उनके चुनाव प्रचार का हिस्सा बनने का आरोप है। इतना ही नहीं, कहा जा रहा है कि 30 मार्च को प्रयागराज आ रही रीता बहुगुणा जोशी के सामने कुछ कांग्रेसी भाजपा में शामिल भी हो सकते हैं।
इस कयासबाजी के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को ऐसे नेताओं को लेकर मेल भी भेज दिया गया है। हाईकमान को भेजे मेल में कहा गया है कि जिला व शहर कांग्रेस के कई पदाधिकारी भाजपा उम्मीदवार रीता के दरबारी हैं। ऐसे में अगर इन पदाधिकारियों पर अंकुश नहीं लगाया गया और समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो चुनाव में पार्टी को भितरघात का सामना करना पड़ सकता है।
इस बीच पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कौंधियारा ब्लाक के अध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। उनकी जगह राम अनुग्रह मिश्र को नया ब्लाक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि पार्टी नेताओं पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने चेताया कि जो पदाधिकारी दायित्व का निर्वहन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय ने बताया कि 10 से अधिक पदाधिकारी चिह्नित कर लिए गए हैं। अगर उनकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया तो उनके विरुद्ध कार्रवाई तय है।