प्रयागराज आने वालों के लिए संगम और आनंद भवन के अतिरिक्त आजाद के प्रतिमास्थल पर उन्हें नमन करने के साथ ही संग्रहालय में रखी उनकी पिस्तौल को देखना भी शामिल होता है। इसीलिए ‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा’, की पंक्तियों को सच करते हुए अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के प्रतिमा स्थल पर भी उन्हें नमन करने और श्रद्धासुमन चढ़ाने के लिए आने वालों का तांता लगा रहता है।
लोग उनकी शहादत के बारे में और ज्यादा से ज्यादा जानने को उत्सुक होते हैं, लेकिन लोगों के मन में एक सवाल जरूर कौंधता है कि उनके वहां पहुंचने की मुखबिरी किसने की, जिसके बाद वह अंग्रेजों से घिरे और एक गोली बची रहने पर अपनी कनपटी पर गोली मारकर शहीद हो गए थे।
शहीद चंद्रशेखर आजाद
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद से जुड़े ऐसे ही कई सवालों का जवाब देने की कोशिश के साथ उन पर एक फीचर फिल्म तैयार की जा रही है, उम्मीद है शोध के बाद लिखी गई कहानी में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के जीवन चरित्र के साथ ही उनके साथियों और मुखबिरी से जुड़े सवालों के जवाब भी मिल सकेंगे। फिल्म में आजाद के क्रांतिकारी बनने से लेकर उनकी शहादत तक के तथ्यों को शामिल किया गया है। बीबीवी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की पहल पर तैयार होने वाली आजाद से जुड़ी फिल्म का नाम ही ‘आजाद के गद्दार और साथी’ है। यह टाइटिल वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर एसोसिएशन की ओर से पंजीकृत भी हो चुका है।
chandra shekhar azad
संस्था भारत भाग्य विधाता की पहल पर तैयार होने वाली फिल्म के स्क्रीन प्ले और स्क्रिप्ट राइटर वीरेंद्र पाठक कहते हैं, तथ्यों की प्रामाणिकता के लिए आजाद के साथियों की किताबों, तत्कालीन पुलिस अफसर के पत्र सहित अन्य उपलब्ध साधनों का सहारा लिया गया है। इसका शोधकार्य काफी पहले पूरा हो चुका था, शूटिंग भी आरंभ होने वाली थी लेकिन कोरोना की वजह से स्थगित हो गई। अब इसकी शूटिंग अगस्त में आरंभ होगी। इसके तीन महीने में पूरी होने की उम्मीद है। शूटिंग से लेकर अभिनय तक में प्रयागराज का प्रमुख योगदान रहेगा।
शहादत दिवस पर सम्मान गारद सलामी आज
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद एवं शहीदे आजम भगत सिंह स्मारक समिति की ओर से 27 फरवरी को आजाद प्रतिमा स्थल के पास शहादत दिवस मनाया जाएगा। संयोजक विशाल गुप्ता के मुताबिक उत्तर प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल की ओर से 21 गनशाट फायर करके सम्मान गारद, पुलिस बैंड की ओर से उन्हें सलामी दी जाएगी। विद्यार्थियों की ओर से विविधतापूर्ण कार्यक्रम भी होंगे।