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High Court : राजस्व अधिकारी सीमांकन करें, याची का घर तालाब पर है तो ध्वस्त करें

Fri, 19 Sep 2025 05:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजस्व अधिकारियों को जमीन का सीमांकन करने का निर्देश दिया है। कहा है कि याची का घर तालाब की जमीन मिलता है तो ध्वस्त करें। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि तालाब की जमीन पर घर नहीं है तो उसे न तोड़ा जाए।
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजस्व अधिकारियों को जमीन का सीमांकन करने का निर्देश दिया है। कहा है कि याची का घर तालाब की जमीन मिलता है तो ध्वस्त करें। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि तालाब की जमीन पर घर नहीं है तो उसे न तोड़ा जाए। सीमांकन कार्य एक महीने में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने यमिन की याचिका पर दिया है।

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अमरोहा निवासी यमिन पर तालाब की भूमि पर कब्जा कर घर बनाने का आरोप है। उसे नोटिस जारी किए गए थे पर याचिकाकर्ता ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद याची के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया गया। इस आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि गाटा नंबर-91 तालाब की जमीन है। याची ने घर गाटा नंबर-90 पर बनाया है। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला ने दलील दी कि तालाब की जमीन पर याची ने कब्जा किया है। पूर्व में की गई जांच की सभी रिपोर्ट उसके खिलाफ हैं। कोर्ट ने आदेश की एक प्रति अपर मुख्य स्थायी वकील अभिषेक शुक्ला को 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के लिए कहा है, ताकि वे अगले 48 घंटों के भीतर अमरोहा के डीएम को सूचित कर सकें। 

गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह के भूमि व प्रबंधन विवाद में एसडीएम व थाना प्रभारी को अवमानना नोटिस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर की बिलासपुर तहसील के नवाबगंज में गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी से जुड़े भूमि-प्रबंधन विवाद में एसडीएम अरुण कुमार और थाना प्रभारी बलवान सिंह के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इन्हें 30 अक्तूबर तक सिविल कोर्ट के स्थगन आदेश का पालन करने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की अदालत ने गुरु बाबादीप सिंह शहीद स्मारक सेवा ट्रस्ट की ट्रस्टी सतनाम कौर की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता कबीर तिवारी ने दलील दी कि रामपुर के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने नौ जुलाई 2025 को याची के पक्ष में विवादित भूमि के कब्जे को लेकर स्थगन आदेश पारित किया था। पुलिस-प्रशासन ने मदद कर स्थगन आदेश के विपरीत विपक्षी देवेंद्र सिंह और गुरमीत सिंह को कब्जा करवा दिया। यह सिविल कोर्ट के आदेश की जानबूझकर की गई अवहेलना है। 
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तालाबों की सुरक्षा-संरक्षण के लिए क्या कर रही सरकार: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में तालाबों का मूलस्वरूप बहाल करने और राजस्व अभिलेख दुरुस्त करने के अपने पूर्व आदेशों का पालन न होने पर नाराजगी जताई है। साथ ही प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव से 19 सितंबर तक पूरी जानकारी तलब की है। पूछा है कि प्रदेश और जिला स्तर पर तालाबों की सुरक्षा-संरक्षण के लिए जो तंत्र बनाने का निर्देश दिया गया था, उसकी अनुपालना में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की एकलपीठ ने जय सिंह मौर्य की जनहित याचिका पर अधिवक्ता अखिलेश कुमार यादव को सुनकर दिया है। इससे पहले 16 सितंबर 2024 को सपोर्ट इंडिया वेलफेयर सोसाइटी केस में हाईकोर्ट ने विस्तृत आदेश जारी कर सभी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका मूल स्वरूप बहाल करने और रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी कहा था कि जिला स्तर पर नियमित निगरानी समिति बनाई जाए, ताकि तालाबों पर कब्जा न हो सके। लेकिन कोर्ट ने पाया कि आदेश के अनुपालन में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। कोर्ट ने आदेश की प्रति सीजेएम लखनऊ के जरिये मुख्य सचिव को तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 
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