सोरांव। तहसील सोरांव के अभिलेखागार में कार्यरत रजिस्टार कानून ने फाफामऊ स्थित करोड़ों की सरकारी जमीन भू माफिया के नाम दर्ज करने के मामले में कार्रवाई की। एसडीएम सदर की जांच पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए रजिस्टार कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) पद से डिमोशन (पदावनति)करते हुए लेखपाल बना दिया। कार्रवाई से तहसील में हड़कंप मच गया है। मामले में तत्कालीन लेखपाल एवं एक अन्य कर्मचारी पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
सोरांव तहसील में तैनात रजिस्टार कानूनगो दूधनाथ गौतम के पास तहसील के अभिलेखागार का चार्ज है। कुछ वर्ष पूर्व भू माफियाओं की मिलीभगत से फाफामऊ स्थित करोड़ों की सरकारी जमीन लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृति दिया था। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने पर जांच एसडीएम सदर को दिया गया।
जांच के बाद रजिस्टार कानूनगो दूधनाथ गौतम की संलिप्तता पाए जाने पर उनको पदावनत करते हुए लेखपाल बनाए जाने का आदेश जिलाधिकारी ने जारी किया है।
रजिस्टार कानूनगो दूधनाथ गौतम प्रतापगढ़ जनपद से करीब तीन वर्ष पूर्व स्थानांतरण होकर सोरांव तहसील आए थे। इस दौरान रजिस्टार कानूनगो का कार्य करते हुए उनको अभिलेखागार का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया था। करोड़ों की सरकारी जमीन पर भू माफिया का नाम दर्ज करने के मामले में लेखपाल एवं अन्य कर्मचारियों के संलिप्तता की जांच हो रही है। जल्द ही कुछ और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। इस बाबत सोरांव एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ ने जमीन का मामला बताते हुए आगे की जानकारी न होने की बात कही।
जांच के दौरान दोषी पाए गए रजिस्टार कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) दूधनाथ गौतम का इसी माह के 31 जनवरी को कार्यकाल पूरा होना था। जांच के दौरान करीब सप्ताह भर पहले करोड़ो की सरकारी जमीन को भूमाफियाओं के नाम स्थानांतरण किए जाने के मामले में दोषी पाए जाने पर पदावनत कर दिया गया। जिसके चलते उनके सेवानिवृत्त होने के पहले उनके ऊपर विभागीय कार्रवाई किए जाने से लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।