क्या कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के इलाहाबाद विश्वविद्यालय में थोड़े ही दिन बाकी रह गए हैं! इविवि में छात्रों के आंदोलन के बाद मीडिया और छात्रनेताओं से अक्सर दूरी बनाए रखने वाले कुलपति का रवैया इन दिनों अचानक बदल गया है। वह आए दिन प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से किसी न किसी मुद्दे पर सफाई दे रहे हैं। रोज छात्र-छात्राओं के किसी न किसी प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात करने लगे हैं। हालांकि, आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्रनेताओं से अब तक उनकी वार्ता नहीं हुई है। रविवार को इविवि के गेस्ट हाउस में उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर ऐसे ही एक मुद्दे पर सफाई दी।
उन्होंने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह अपराधियों से किसी भी कीमत पर वार्ता नहीं करेंगे। आखिर नेता किस आधार पर उन पर संवादहीनता का आरोप लगा रहे हैं। वैध छात्रों की समस्याएं नियमित रूप से सुनी जा रही हैं। जहां तक 28 अप्रैल को हुए बवाल में छात्रों को नामजद किए जाने का मामला है तो पुलिस ने अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज किया। इसमें विश्वविद्यालय की कोई भूमिका नहीं। ऐसे में मंत्री विश्वविद्यालय प्रशासन से अब किस तरह की विनम्रता की अपेक्षा रखते हैं।
यहा भी कहा कि पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह समेत आनंद सिंह निक्कू और रामबाबू तिवारी का एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों की समस्याओं लेकर उनसे मिलना चाहता है। बहुत पहले भी ऋचा सिंह से वार्ता की गई थी और वार्ता के दौरान सिर्फ हंगामा हुआ था। साथ ही अफसरों पर ढेरों आरोप लगाए गए थे, इसलिए इस बार मीडिया और पुलिस अफसरों की मौजूदगी में ही वार्ता होगी। बताया कि उन्होंने भी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से मिलने के लिए समय मांगा है। उन्होंने सिविल लाइंस में हुए मर्डर में विश्वविद्यालय के एक हॉस्टल में रहने वालों को नामजद किए जाने पर कहा कि गोली-बम चलाने वाले विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हो सकते। ऐसे अपराधी अवैध रूप से हॉस्टल में रह रहे हैं और विश्वविद्यालय को बदनाम कर रहे हैं।