मेजा (इलाहाबाद)। यमुनापार में मेजा इलाके के चौकी गांव में रविवार रात रिटायर रेलवे ड्राइवर संतलाल यादव (62) का ईंट-पत्थर से कूंचकर कत्ल कर दिया गया। हत्या का आरोप गांव में ही रहने वाले संतलाल के सगे साढ़ू और उनके बेटे, भतीजे पर है। बताया जाता है कि 15 दिन पहले संतलाल ने अपनी कंट्रोल की दुकान पर काम करने वाले साढ़ू को हिसाब में गड़बड़ी करने पर हटा दिया था। इस बात को लेकर वह खुन्नस खाए था।
मेजा के चौकी गांव के संतलाल दो साल पहले भागलपुर से रेलवे में ड्राइवर के पद से रिटायर हुए थे। उनके दो बेटो ओम प्रकाश और ज्ञानप्रकाश में छोटे के पास सरकारी राशन की दुकान का कोटा था। संतलाल ने गांव में ही रहने वाले अपने साढ़ू बुदुल को कोटा पर काम करने के लिए रखा था।15 दिन पहले संतलाल ने हिसाब में गड़बड़ी पर बुदुल को नौकरी से हटा दिया था। इस बात को लेकर बुदुल खार खाए था। एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्रा के मुताबिक रविवार को गांव के एक युवक के यहां रामायण और कीर्तन का कार्यक्रम था। जिसमें शामिल होने के लिए संतलाल गया था। रात में सब घर लौट रहे थे।
संतलाल थोड़ा पीछे थे। बुदुल उनके साथ चल रहा था। बुदुल अपने घर के सामने पहुंचा तो बेटे और भतीजे को बुला लिया और संतलाल को पकड़कर सौ मीटर दूर खेत में घसीट ले गया। खेत में ईंट से संतलाल का सिर कूंच डाला। इसके बाद वे भाग निकले। उधर काफी देर तक संतलाल घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोग खोजबीन करने निकले तो खेत में संतलाल का शव मिला। संतलाल की हत्या से गांव में सनसनी फैल गई।
सूचना पर मेजा एसओ सुरेश सैनी पहुंचे। सीओ मेजा राजबीर सिंह और एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र भी पहुंच गए। संतलाल के बेटे की तहरीर पर मेजा पुलिस ने बुुदुल, उसके बेटे उमाशंकर और भतीजे कृपाशंकर के खिलाफ हत्या का रिपोर्ट लिख ली है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। एसपी यमुनापार ने बताया कि साढ़ ने बेटे और भतीजे के साथ मिलकर कत्ल किया है।