इलाहाबाद। मॉकड्रिल के दौरान दंगाई के हाथ में भगवा झंडा थमाए जाने के मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी द्वारा इस मुद्दे पर सपा सरकार को घेरने के बाद रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हिंदूवादी संगठन सड़क पर उतर गए। सुभाष चौराहे पर आज भाजपा की ओर से सूबे के मुख्यमंत्री और एसएसपी इलाहाबाद के पुतले की शव यात्रा निकाली गई। दोनों पुतलों को फूंकने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान पुलिस से भी पार्टी कार्यकर्ताओं की धक्कामुक्की हुई। इसके पहले विश्वहिंदू परिषद ने भी मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाल कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
पुलिस लाइंस में आयोजित मॉकड्रिल के दौरान दंगाई के हाथ में भगवा झंडा थमा देने के मामले के विरोध में भाजपाईयों ने पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन किए जाने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में पार्टी नगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता सुभाष चौराहे पर इकट्ठा हो गए। जिलाध्यक्ष रामरक्षा द्विवेदी की मौजूदगी में सुभाष चौराहे पर मुख्यमंत्री और एसएसपी के पुतले की शवयात्रा निकाली गई। हालांकि पुलिस ने यहां पुतला छीनने का भी प्रयास किया। लेकिन कार्यकर्ता दोनों पुतलों का दहन करके ही माने। इस दौरान भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष नरसिंह और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डा. श्याम प्रकाश द्विवेदी के नेतृत्व में जमकर नारेबाजी भी की गई।
कार्यकर्ताओं ने एसएसपी इलाहाबाद को हटाने की भी मांग की। पुतला दहन कार्यक्रम में शैलेंद्र मिश्र, कमलेश कुमार, रमेश ओझा, सत्येंद्र चोपड़ा, देवेंद्र मिश्र, चंद्रशेखर ओझा, अजय सिंह, अनामिका चौधरी, शिवा मिश्रा आदि मौजूद रहे। इसके पूर्व विश्वहिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से भी सुभाष चौराहे पर मॉकड्रिल के दौरान दंगाई के हाथ में भगवा झंडा पकड़ा दिए जाने के मामले में विरोध प्रदर्शन किया गया। विहिप के जिला संगठन मंत्री अमित पाठक के नेतृत्व में सिविल लाइंस बड़े हनुमान मंदिर के पास से मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली गई। बाद में सुभाष चौराहे पर पुतले का दहन किया गया। इस दौरान अविनाश, शिवम द्विवेदी, लवलेश बजरंगी, विजय पांडेय, विनीत शुक्ल आदि मौजूद रहे।
भाजपा पर छात्रसंघ अध्यक्ष का दंगा कराने का आरोप
इलाहाबाद। चौधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय (सीएमपी) की छात्रसंघ अध्यक्ष पूजा मिश्रा ने भाजपा पर सांप्रदायिक दंगे कराने का आरोप लगाया है। छात्रसंघ अध्यक्ष के मुताबिक पुलिस लाइंस में दंगा नियंत्रण का सिर्फ रिर्हसल हो रहा था। पुलिस पहले ही कह चुकी है कि वह किसी भी विशेष संप्रदाय को ठेस नहीं पहुंचना चाहती थी। भाजपा इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रही है।