घर में थीं अकेली
पुलिस की जांच में सामने आया कि शिक्षा विभाग में अफसर रहे कुसुमलता के पति सतीश की कई साल पहले माैत हो चुकी है। आश्रित कोटे के तहत पति के स्थान पर उन्हें माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में सेक्शन ऑफिसर के पद पर नाैकरी मिली थी। पांच साल पहले वह सेवानिवृत्त हुई थीं। कुसुमलता के दो बेटे हैं। बड़ा पुत्र प्रशांत नाेएडा में रहकर प्राइवेट नाैकरी करता है। जबकि, छोटा साैरभ फोटोग्राफी करता है। घर में उनकी सेवा के लिए नाैकरानी है। घटना के वक्त कुसुमलता घर पर अकेली थीं। उनका बेटा सिविल लाइंस में किसी काम से गया हुआ था। इसी दाैरान वारदात को अंजाम दे दिया गया।
विरोध करने पर हत्या का शक
घर का सामान बिखरा होने से पुलिस को शक है कि कुसुमलता की हत्या की कहानी घुमाने की कोशिश की गई। पकड़े जाने के डर से कतिलों ने घर का सामान बिखरा दिया। पुलिस को शक तब हुआ जब आलमारी का लाॅक तोड़ा नहीं, बल्कि खोला गया था। बहरहाल, पुलिस हर पहलुओं पर जांच में जुटी है। वहीं, देर-रात पुलिस कुसुमलता के बेटे साैरभ का बयान दर्ज कर सामानों की जांच में जुटी रही। धूमनगंज थाना प्रभारी वैभव सिंह ने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
नहीं सुनी गई चीखने-चिल्लाने की आवाज
कत्ल के बाद इलाके में सन्नाटा पसर गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि उनके मोहल्ले में इतनी बड़ी वारदात होे गई है। पड़ोसियों ने बताया कि इतनी भीषण गर्मी के कारण ज्यादातर लोग अपने घरों में ही दुबके रहते हैं। हर किसी के घर में कूलर पंखा चल रहा था। शायद यही कारण है कि उनको न तो कोई भनक लगी और ना ही चीखने-चिल्लाने की आवाज नहीं सुनाई दी। अगर किसी तरह की आवाज आई होती तो वह जरूर दाैड़ कर जाते।