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टीजीटी के पांच विषयों के परिणाम घोषित

Fri, 19 May 2017 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने टीजीटी के पांच विषयों का परिणाम बृहस्पतिवार देर शाम अचानक घोषित कर दिया। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद तुरंत बाद इन परिणामों को घोषित करने पर रोक लग गई थी। परिणाम घोषित होने की खबर मिलते ही एलनगंज स्थित चयन बोर्ड कार्यालय के बाहर देर रात तक अभ्यर्थियों की भीड़ जुटी रही।
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मार्च में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के तुरंत बाद लोकसेवा आयोग के परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई गई। उसके बाद उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग फिर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई गई।

मौखिक आदेश पर रोक लगाने से अभ्यर्थी भड़क गए थे और परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा था। इस बीच हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल कर दी गई। इस मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। परिणाम घोषित करने पर मौखिक रोक लगाई गई थी सो सरकार के लिए जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बृहस्पतिवार को हिन्दी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, शारीरिक शिक्षा एवं कताई-बुनाई विषय के परिणाम अचानक घोषित होने से अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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पांच विषयों के शिक्षकों के कुल 2385 पदों के लिए दो लाख 29 हजार 300 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। इसमें से हिन्दी के बालक वर्ग के 838 एवं बालिका वर्ग के 71 पद, संस्कृत में 472 पद, सामाजिक विज्ञान बालक वर्ग में 720 एवं बालिका वर्ग में 86 पद, शारीरिक शिक्षा में 194 पद तथा कताई-बुनाई में सहायक अध्यापक के चार पद हैं। जिसके लिए क्रमश: 60 हजार, 30 हजार, 1.10 लाख, 28 हजार एवं 300 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

पांच विषयों के परिणाम घोषित होने के बाद 1922 शिक्षकों की नियुक्ति पक्की हो गई। इसमें हिन्दी बालक एवं बालिका वर्ग में 719, शारीरिक शिक्षा में 174, कताई-बुनाई में तीन, संस्कृत में 369 एवं सामाजिक विज्ञान में 657 शिक्षकों को नौकरी की सौगात मिल गई।

टीजीटी हिन्दी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, शारीरिक शिक्षा एवं कताई-बुनाई के घोषित परिणाम में किसी अभ्यर्थी को आपत्ति है तो वह इसके लिए 29 मई तक प्रत्यावेदन दे सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की सचिव रूबी सिंह के मुताबिक तय तिथि के बाद प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रत्यावेदन पर बोर्ड द्वारा विचार किया जाएगा और उसके बाद घोषित होने वाले परिणाम के आधार पर संस्था आवंटन की कार्रवाई की जाएगी।
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