उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में दो बड़ी मुख्य परीक्षाओं के परिणाम फंसे हुए हैं। इनमें पीसीएस जे 2018 और पीसीएस 2017 शामिल हैं। पीसीसी 2017 की मुख्य परीक्षा के आयोजन को नौ माह से अधिक समय बीत चुका है। वहीं, पीसीएस जे मुख्य परीक्षा का परिणाम इस माह मुश्किल आ पाना मुश्किल लग रहा है जबकि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दे रखा है कि मई तक पीसीएस जे का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
पीसीएस जे के 610 पदों पर भर्ती होनी है। मुख्य परीक्षा इस साल 30, 31 जनवरी एवं एक फरवरी को आयोजित की गई थी। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है कि मई तक अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया जाएगा, जो अब मुश्किल है। वहीं, पीसीएस 2017 की मुख्य परीक्षा पिछले साल 18 जून से छह जुलाई तक आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के तहत पीसीएस अफसरों के कुल 677 पदों पर भर्ती की जानी है। परीक्षा के आयोजन को तकरीबन साढ़े नौ माह बीत चुके हैं और परिणाम घोषित नहीं किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि कॉपियां जांचने के लिए आयोग को पर्याप्त संख्या में परीक्षक नहीं मिल पा रहे हैं और इसी वजह से परिणाम में देरी हो रही है। पीसीएस-2017 की यह आखिरी मुख्य परीक्षा है, जो पुराने पैटर्न पर आयोजित की गई। पीसीएस-2018 से मुख्य परीक्षा में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर नया पैटर्न लागू कर दिया गया है। ऐसे में जो अभ्यर्थी पीसीएस 2017 की मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे, उनके लिए मुख्य परीक्षा का परिणाम काफी महत्वपूर्ण हो गया है।