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किसानों से अधिक भुगतान की वसूली पर रोक

Tue, 12 Apr 2016 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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हाईकोर्ट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों से ली गई जमीन का भुगतान करने के बाद उसकी वसूली की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार को इस मामले में दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। फिरोजाबाद के किसान अरविंद कुमार और दस अन्य ने याचिका दाखिल कर डीएम फिरोजाबाद द्वारा जारी वसूली नोटिस को चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति वीके मिश्र की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
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प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद की शिकोहाबाद तहसील के नगला छीते गांव पोस्ट बहेला-बहेली में वर्ष 2014 में किसानों से आवासीय दर पर जमीन का बैनामा कराया था। बैनामे के समय जमीन की कीमत 1600 से आठ हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई। इसका भुगतान भी कर दिया गया। बाद में जिला प्रशासन ने किसानों को यह कहते हुए नोटिस जारी कर दिया कि क्रय की गई भूमि आवासीय नहीं बल्कि कृषि भूमि है जो आवासीय क्षेत्र के बगल स्थित होने के बाद भूल वश आवासीय मूल्य पर क्रय कर ली गई। भूमि की वास्तविक कीमत कृषि भूमि के हिसाब से 800 रुपये प्रतिवर्ग मीटर होती है। डीएम फिरोजा बाद ने सात मार्च 2016 को किसानों को वसूली का नोटिस जारी कर दिया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगते हुए कहा है कि तब तक किसानों के साथ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए।
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