विकास करना है तो विरासत का भी सम्मान करना होगा। प्रयागराज ने यह करके दिखाया है। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यमुना बैंक रोड स्थित प्रेरणा पार्क के लोकार्पण समारोह में कही।
उन्होंने प्रेरणा पार्क में स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल की पीतल की प्रतिमाओं का अनावरण किया। डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। कहा कि भारतीय राजनीति की एक ऐसी महान विभूति के जन्म के 125 साल पूरे हो रहे हैं, जिनका पूरा जीवन देश की एकता व अखंडता के लिए समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री ने संस्मरण सुनाया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हिंदू संगठन की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के मंत्रिमंडल में खाद्य एवं उद्योग मंत्री बने थे। नेहरू ने जब भारत के विरुद्ध आचरण किया तो सबसे पहला विरोध डॉ. मुखर्जी ने ही दर्ज कराया। उन्होंने मंत्री पद का मोह नहीं किया। इस्तीफा देकर जनसंघ की स्थापना की। आगे चलकर इसी संगठन ने भाजपा का रूप लिया।
कांग्रेस और अन्य दल कश्मीर के लिए अलग कानून चाहते थे लेकिन उनके मंसूबों को धराशायी करते हुए डॉ. मुखर्जी के संकल्प को पूरा करने का काम नरेंद्र मोदी ने किया। डॉ. मुखर्जी ने जिस बंगाल को पाकिस्तान में शामिल होने से रोकने के लिए पूरा जोर लगा दिया, आज वहां कमल खिला है। यह कमल सत्ता का ही नहीं, बल्कि समृद्धि, सुरक्षा, सुशासन का भी प्रतीक है। यहां स्थापित विभूतियों की प्रतिमाओं से युवाओं को हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी। वहीं, सीएम ने एकता नौका रेस को हरी झंडी दिखाई।
अटलजी ने प्रस्तुत किया था राजनीतिक स्थिरता का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता कैसी होनी चाहिए, इसका माॅडल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रस्तुत किया था। उन्होंने छह दशक तक मंत्री, सांसद, प्रधानमंत्री के रूप में काम किया लेकिन उनके सार्वजनिक जीवन पर कोई एक दाग नहीं लगा सकता था। मेरा सौभाग्य है कि वह प्रधानमंत्री बने तो मुझे सांसद के रूप में उनके उनके साथ काम करने का मौका मिला।
राम मंदिर के लिए हुआ देश का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन
सीएम ने कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है। श्रीराम भारत की आत्मा के सूत्र हैं। राम मंदिर की स्थापना में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अशोक सिंघल की रही। अयोध्या में स्थापित मंदिर अशोक सिंघल की परिकल्पना का ही आधार है। राम मंदिर का निर्माण देश का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन रहा। 80 के मध्य से 90 के दशक तक एक ही नारा गूंजता था, ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।’ इस प्रकार के नारे लगाकर युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में एक नया शंखनाद किया था।
पहली बार गंगा पर बनेगा 1,000 करोड़ रुपये का पुल
सीएम ने कहा कि प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम से यूनिवर्सिटी बन रही है। यहां गंगा पर पुल के लिए पहली बार 1,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वह महापौर और उनकी टीम का अभिनंदन करते हैं जिन्होंने तीन महान विभूतियों की प्रतिमाओं को स्थापित कराया।