विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंहल की पुण्यतिथि के अवसर पर शिवशक्ति सेना के बैनर तले शिवसैनिकों ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया। लोकनाथ चौराहे पर स्वगीय सिंहल की याद में शिवसैनिकों ने 108 दीप जलाकर उन्हें याद भी किया। यहां शिवसैनिकों ने जयश्री राम का भी उद्घोष किया। इस दौरान विहिप के अखिल भारतीय धर्म यात्रा महासंघ की ओर से अशोक सिंहल की याद में संगम क्षेत्र में भंडारा का आयोजन किया गया। यहां सैकड़ों की संख्या में लोगों ने शिरकत की।
शिवशक्ति सेना की ओर से शाम सात बजे के आसपास अशोक सिंहल की पुण्यतिथि के अवसर लोकनाथ चौराहे पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान सेना के संस्थापक एवं संचालक अजय गुप्ता ने कहा कि रामजन्मभूमि हिंदुओं की है और रहेगी। स्वर्गीय सिंहल जी का सपना था कि अयोध्या में बिना किसी शर्त के मंदिर का निर्माण हो। उन्होंने श्रीश्री रविशंकर पर भी कटाक्ष किया। कहा कि यहां किसी भी तरह का समझौता हिंदुओं को अस्वीकार होगा। इस अवसर पर दिनेश सिंह,मोहन जी टंडन, राजकृष्ण अग्रवाल, बब्बन सिंह चौहान, मयंक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
उधर संगम क्षेत्र में विहिप की ओर से आयोजित भंडारे में विहिप नेता पवन श्रीवास्तव ने अशोक सिंहल को श्वेत वस्त्रधारी की संज्ञा दी। यहां हवन भी किया गया। इस दौरान गौरीश आहूजा, राजन श्रीवास्तव, राजीव टंडन, विनोद सोनकर आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में अखिल भारतीय सामजिक समरसता परिषद काशी प्रांत की ओर से शुक्रवार को सरदार बल्लभ भाई पटेल दुर्गा पूजा पार्क एडीए कालोनी मुंडेरा में भी भंडारे का आयोजन किया गया। यहां पूर्व मंडलायुक्त डा. राजेंद्र प्रसाद पांडेय मुख्य अतिथि एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर अजीत श्रीवास्तव, कपिल जायसवाल, देशराज कुशवाहा, शिव कुमार पटेल, राजन तिवारी, सखी पासी, अतुल केसरवानी आदि मौजूद रहे।
विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से विज्ञान परिषद सभागार में ‘भारत एक आध्यात्मिक राष्ट्र’ विषयक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं में सीमित भूखंड मात्र नहीं है, बल्कि एक विचार, दर्शन एवं एक संस्कृति है। आज नहीं तो कल संपूर्ण विश्व को भारत के आध्यात्म की शरण लेनी होगी। कार्यक्रम में मां पूर्ण प्रज्ञा ने कहा कि हमारी संस्कृति में धर्म हमें धैर्य सिखाता है। इस अवसर डा. चंद्रप्रकाश ने कहा कि अशोक सिंहल ने 27 जून 2009 को ‘भारत एक आध्यात्मिक राष्ट्र’ विषय पर लेख लिखा था। कार्यक्रम में विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश जी, धर्माचार्य प्रमुख अशोक तिवारी, अशोक मेहता, मुकेश, आशुतोष, डा. नीरज अग्रवाल, अनिल पांडेय आदि मौजूद रहे।