किफायती होगी जांच, समय से शुरू हो सकेगा इलाज
वैज्ञानिक प्रो. अखिलेश तिवारी के अनुसार यह सेंसर अन्य जांचों के मुकाबले लोगों के लिए अधिक किफायती साबित होगा। वहीं, बायोप्सी जांच की प्रक्रिया जटिल होती है। रिपोर्ट आने में वक्त भी लगता है जबकि सेंसर से तुरंत सटीक रिपोर्ट मिल जाएगी। इससे मरीज का समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा।
ऐसे तैयार हुआ सेंसर
शोध के तहत सेंसर को बनाने में ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल किया गया। इसमें सबसे पहले ऑप्टिकल फाइबर को काटकर ‘डी’ आकार में बनाया गया। इसके बाद ऑप्टिकल फाइबर पर नैनो गोल्ड और सिल्वर मैटेरियल की प्लेट का इस्तेमाल किया गया। इस प्लेट पर कैंसर की एंटीबॉडी या एंटीजेन को लगाकर उस पर प्रकाश डालकर बदलाव को परखा गया जिसमें यह सेंसर कुछ ही सेकंड में परिणाम देने में सफल रहा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया शोध
इस शोध को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रस्तुत किया गया है। हाल ही में उज्बेकिस्तान के ताशकंद शहर में आयोजित ऑप्टिमा कॉन्फ्रेंस के दौरान आईट्रिपलई के फोटोनिक सोसाइटी चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश तिवारी ने ‘की नोट स्पीकर’ के तौर पर अध्यक्षीय संबोधन में इसका जिक्र किया था।