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रिसर्च या साहित्य चोरी को अब कानूनी अपराध बनाने की तैयारी

Tue, 05 Sep 2017 02:09 AM IST
अमर उजाला/इलाहाबाद
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एमफिल और पीएचडी रिसर्च स्कॉलर्स यदि अपनी थीसिस या रिसर्च में किसी व्यक्ति द्वारा तैयार सामग्री का प्रयोग करते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी। यदि कोई स्कॉलर साहित्यिक चोरी करता पकड़ा जाता है तो उसका रजिस्ट्रेशन तक रद्द हो सकता है। वहीं, यदि शिक्षक ऐसा करता पकड़ा गया तो उसके इंक्रीमेंट, प्रकाशन पर रोक लग सकती है। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर शिक्षक की नौकरी भी जा सकती है। साहित्यिक चोरी को कानूनी अपराध बनाने की तैयारी हो रही है। यूजीसी ने इस संबंध में नियम तैयार कर लिए हैं। विशेषज्ञों व छात्रों से 30 सितंबर तक इस पर अपनी राय देने को कहा गया है।
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यूजीसी के सचिव पीके ठाकुर ने विश्वविद्यालयों समेत छात्रों के नाम पब्लिक नोटिस जारी किया है। इसमें लिखा है कि रिसर्च व साहित्य चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी के चलते यूजीसी ने दूसरे के ज्ञान को अपना बनाने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई थी, जिसकी सिफारिशों के आधार पर अब साहित्यिक चोरी रोकने के लिए रेग्यूलेशन 2017 तैयार किया गया है। इसके आधार पर रिसर्च स्कालर्स, शिक्षक या विशेषज्ञ अपनी-अपनी राय भेज सकते हैं। यह रेेग्यूलेशन नौ पन्नों का है। कमेटी ने अपनी सिफारिश में लिखा है कि साहित्य, रिसर्च की चोरी पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी होनी चाहिए।

यदि कोई रिसर्च स्कॉलर्स दस फीसदी सामग्री की चोरी करता पकड़ा गया तो कोई जुर्माना नहीं लगेगा। 40 फीसदी कंटेंट चुराने वाले छात्र को कोई अंक नहीं दिया जाएगा। 60 फीसदी सामग्री चोरी का इस्तेमाल करने पर रजिस्ट्रेशन तक रोकने की सिफारिश की गई है।
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यदि कोई शिक्षक 40 फीसदी तक साहित्यिक चोरी करता पकड़ा जाता है तो लिखित सामग्री को हटाने के साथ ही एक साल तक उसके प्रकाशन पर भी रोक लगेगी। 60 फीसदी से अधिक की चोरी करने पर लिखित सामग्री हटाने के साथ-साथ तीन साल तक प्रकाशन पर रोक लगाने की भी तैयारी है। वहीं, ऐसे शिक्षक को तीन साल तक के लिए अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमफिल और पीएचडी स्कॉलर्स का गाइड न बनाने की भी सिफारिश की गई है। यदि छात्र गलती करता है तो रजिस्ट्रेशन पर रोक लग जाएगी, जिससे उसकी डिग्री भी ब्लॉक होगी। वहीं, शिक्षक यदि गलती करता है कि उसे एक साल तक प्रकाशन पर रोक के साथ इंक्रीमेंट रुकेगा। वहीं, यदि बार-बार गलती की जाती है तो उसे नौकरी से निकालने का भी प्रावधान होगा।
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