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गांवों तक कंप्यूटर की पहुंच के लिए शोध की जरूरत

Sat, 26 Mar 2016 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद व‌िश्वव‌िद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईपीएस) के सेंटर ऑफ कंप्यूटर एजूकेशन की ओर से ‘एडवांसेेज इन कंप्यूटिंग कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी’ विषय पर शुक्रवार से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस शुरू हुआ। इसमें वैज्ञानिकों ने संचार के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध कार्यक्रमाें और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि एलआरडीई डीआरडीओ बंगलूरू के पूर्व निदेशक डॉ.डीसी पांडेय ने कम्युनिकेशन के क्षेत्र में इलेक्ट्रोमैगनेटिक तरंगों के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर सिस्टम को जन सामान्य के अधिक करीब लाने के लिए अभी बहुत प्रयास किए जाने की जरूरत है।
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने जीवन की गुणवत्ता को न केवल बढ़ाया है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक संचेतना को भी विकसित किया है। कंप्यूटर और इंटरनेट के बिना बेहतर जीवन की कल्पना करना असंभव है। जरूरी है कि वंचित लोगों तक भी इसकी पहुंच हो। कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर ए.सत्यनारायण ने कांफ्रेंस के महत्व पर प्रकाश डाला। संयोजक डीन साइंस प्रोफेसर आरआर तिवारी ने कांफ्रेंस के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर स्मारिका का विमोचन हुआ। इससे पहले संस्थान के संस्थापक निदेशक प्रोफेसर जीके राय ने केशरीनाथ त्रिपाठी के व्यक्तित्व प्रकाश डाला। प्रोफेसर सत्यनारायण ने स्वागत किया। डॉ.अभय कुमार राय ने आभार प्रकट किया। डॉ.विवेक कुमार सिंह ने संचालन किया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रशांत अग्रवाल, प्रोफेसर जगदम्बा सिंह, प्रोफेसर जगदीश पुरवार, डॉ.आनंद शंकर सिंह, प्रोफेसर आरके उपाध्याय, प्रोफेसर एसके नाहर आदि मौजूद रहे।
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