इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हृदय रोग से पीड़ित पूर्व सांसद उमाकांत यादव के इलाज मामले में सीएमओ से रिपोर्ट तलब की है। यह भी स्पष्ट करने के लिए कहा है कि याची का दिल का ऑपरेशन हुआ है या नहीं। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने उमाकांत यादव की तीन जमानत अर्जियों पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि उमाकांत यादव हृदय एवं किडनी रोग से गंभीर पीड़ित हैं। उनका इलाज बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में चल रहा था। उन्होंने कोर्ट से जमानत पर रिहाई की मांग करते हुए आग्रह किया कि अभिरक्षा में ही उनका ऑपरेशन लखनऊ के मेदांता अस्पताल में कराया जाए, जिसका पूरा खर्च याची स्वयं वहन करेगा।
इससे पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि उमाकांत यादव को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। इलाज की निगरानी की जिम्मेदारी सीएमओ को सौंपी थी। इसी आदेश के अनुपालन में उमाकांत यादव को पुलिस अभिरक्षा में लखनऊ भेजा गया। मेदांता अस्पताल में उनका ऑपरेशन प्रस्तावित था। कोर्ट ने इलाज की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 मई की तिथि निर्धारित की है।