Prayagraj News : नया यमुना पुल।
- फोटो : अमर उजाला।
2004 में पुराने नैनी ब्रिज पर यातायात का दबाव कम करने के लिए इस सेतु का निर्माण कराया गया था। इस पुल का निर्माण हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और जर्मनी की हुंडई इंजीनियरिंग ने संयुक्त रूप से किया था। अफसरों के मुताबिक फोर लेन नया यमुना पुल आधुनिक डिजाइन के कारण हर किसी को आकर्षित करता है। इसमें कंक्रीट से बने दो पिलर हैं, जो स्टील केबलों के सहारे इस पुल की छत को सहारा देते हैं। केबल के सहारे टिके इस पुल से मीरजापुर, मध्य प्रदेश की ओर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं।
Prayagraj News : नया यमुना पुल।
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यमुना सेतु के दोनों एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलने पर आएगा दो करोड़ रुपये का खर्च
नैनी के यमुना पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के दोनों ज्वाइंट एक्सपेंशन बदले जाएंगे। इसके लिए दो फ्रांसीसी कंपनियों ने इस्टीमेट प्रस्तुत किया है। इस सेतु के ज्वाइंट एक्सपेंशन की मरम्मत में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है। सेतु की मरम्मत में अभी चार महीने से अधिक समय लग सकता है। इस फोर लेन सेतु में चार ज्वाइंट एक्सपेंशन लगाए गए हैं। इनमें से क्षतिग्रस्त हिस्से वाले दोनों तरफ के एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाएंगे। एनएचएआई के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक पंकज मिश्र के मुताबिक एक एक्सपेंशन ज्वाइंट जहां टूटा है, उससे लगे दूसरे एक्सपेंशन को भी बदलने का निर्णय लिया गया है। इसलिए दोनों एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलने का इस्टीमेट तैयार किया गया है।
नए यमुना सेतु की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। अभी डेढ़ महीने तक गर्डर सुदृढ़ीकरण का काम होगा। इसके बाद बेयरिंग बदली जाएगी और नए एक्सपेंशन ज्वाइंट लगाने के साथ ही सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी कराकर बैरिकेडिंग हटा दी जाएगी। पुल की पूरी मरम्मत में चार महीने का समय लगेगा। - पंकज मिश्र, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, एनएचएआई।