ब्लड डोनेशन कैंप में ख्ाून दान करते युवक
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बिना उम्र की पड़ताल के अब तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय (बेली) ब्लड बैंक में रक्तदान नहीं किया जा सकेगा। पहचान पत्र दिखाने पर ही रक्तदान की अनुमति दी जाएगी। वहीं गंभीर मरीजों के उन तीमारदारों को भी उम्र का प्रमाण दिखाना होगा जो ब्लड एक्सचेंज कराने आएंगे। सीएमएस ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। ब्लड बैंक में एक 17 वर्षीय किशोर का रक्त लेने की शिकायत के बाद यह निर्णय लिया गया। मामले की जांच में अनियमितता और लापरवाही पाए जाने पर ब्लड बैंक में तैनात आरोपी लैब टेक्निशियन को हटा दिया गया है।
सीएमएस डॉ. किरन बाला को शिकायत मिली है कि बिना किसी प्रारंभिक पड़ताल के ब्लड बैंक में तैनात लैब टेक्निशियन डोनरों का रक्तदान करा रहे हैं। ब्लड एक्सचेंज में की गई गड़बड़ी के भी आरोप लगाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएस ने जांच कराई तो पता चला कि एक 17 वर्षीय किशोर का रक्तदान कराया गया। फिर बदले में उसे खून दिया गया। इस पर आरोपी लैब टेक्निशियन को हटा दिया गया है। सीएमएस का निर्देश है कि बिना जरूरत ब्लड बैंक में बाहरी तत्वों का जमावड़ा न हो।
रक्तदान करने वालों की उम्र संबंधी पड़ताल की जाती है। जरूरत बताने की हड़बड़ी में एलटी से गलती हुई। किशोर की उम्र 18 वर्ष होने में कुछ ही दिन बाकी थे। मरीजों, तीमारदारों और रक्तदाताओं को परेशानी न हो, इसलिए रक्तदान या बल्ड एक्सचेंज करने को आए डोनरों की उम्र संबंधी पड़ताल के लिए पहचान पत्र की अनिवार्यता के निर्देश का पालन किया जाएगा।
- डॉ.उत्तम , प्रभारी बेली ब्लड बैंक