पूछने पर आरोपी ने बताया वह लोन के रकम की डीडी बना कर प्रयागराज आ रहा है। दो वर्षों तक यह खेल चलता रहा। इस साल 22 जनवरी को वह प्रयागराज आकर एक होटल में रुका। लोगों को व्हाट्सएप पर डीडी की फोटो भेज कर 18 लाख रुपये डीडी चार्ज और दो लाख सिक्योरिटी चार्ज के रूप में मांगे। मरता क्या न करता। सभी ने यह रकम भी उसे ऑनलाइन दे दी पर लोन का कुछ पता नहीं।
मामले की सामूहिक शिकायत सीएम-पीएम कार्यालय में की गई। शिकायतकर्ताओं दो बड़े इंस्टीट्यूट के निदेशक, उद्यमी और एक विधायक शामिल हैं। चौकी प्रभारी नगर निगम विनय यादव ने बताया कि पीड़ितों को बृहस्पतिवार सुबह ग्यारह बजे अपने-अपने साक्ष्य लेकर थाने पर बुलाया गया है।
खुद को बताता था विश्व बैंक का पूर्व अधिकारी
शिकायतकर्ताओं के अनुसार तथाकथित धर्मगुरु खुद को विश्व बैंक का पूर्व निदेशक बताता था। कहता था कि पीएमओ में तैनात एक आईएएस उसका अनन्य भक्त है। मुंबई जाने पर उसने कई लोगों से मुलाकात कराई। अब पैसा मांगने पर जान माल की धमकी दी जा रही है।
यदि मुख्यमंत्री से शिकायत हुई है तो संबंधित थाने की पुलिस से जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - मनीष शांडिल्य, डीसीपी सिटी