इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी के आरोपों में फंसे वाराणसी के पूर्व बीएसए को बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायालय ने अधिकारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को अगले तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी एवं न्यायमूर्ति उमेश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने वाराणसी के बेसिक शिक्षा अधिकारी रहे राकेश सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदान की है। अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस ने 25 जुलाई को धोखाधड़ी , जालसाजी और भ्रष्टाचार की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी । प्रथम सूचना रिपोर्ट में आरोप है कि उन्होंने बलिया में तैनाती के दौरान एक बर्खास्त शिक्षक सुरेंद्र नाथ यादव को अवैध तरीके से बहाल कर बर्खास्तगी अवधि का वेतन भी दिलवाया है। जिसके बाद उन्होंने संबंधित पत्रावली को गायब भी कर दिया था।