नैनी औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है। यहां उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने औद्योगिक भूखंडों का अनुरक्षण शुल्क 21 रुपये वर्गमीटर कर दिया है। पिछले दिनों ही यूपीसीडा ने यहां 55 रुपये प्रति वर्ग मीटर अनुरक्षण शुल्क लागू करने का आदेश जारी किया था। इसकी उद्यमियों ने प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से शिकायत की थी।
नैनी औद्योगिक क्षेत्र में पहले 20 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से अनुरक्षण शुल्क लिया जा रहा था। इसे यूपीसीडा ने 55 रुपये वर्गमीटर कर दिया। यूपी ईस्टर्न चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विनय टंडन ने इसकी शिकायत कैबिनेट मंत्री नंदी से 20 मई को की थी।
अगले दिन 21 मई को समस्याओं से संबंधित एक पत्र भी उद्यमियों ने भेजा। इसमें प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की जगह केवल नैनी औद्योगिक क्षेत्र का अनुरक्षण शुल्क तकरीबन तीन गुना बढ़ाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। कहा गया कि नैनी औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी पहले से ही कठिनाइयों से जूझते हुए उद्यम चला रहे हैं। ऐसे में यह नया आदेश व्यापारियों के लिए समस्या बढ़ाने वाली है।
मंत्री नंदी तक जब यह समस्या पहुंची तो उन्होंने उद्यमियों की शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अफसरों से वार्ता की। उन्होंने उद्यमियों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ एवं दबाव न डालने का आदेश दिया। इसके बाद यूपीसीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी चर्चित गौड़ ने बृहस्पतिवार को ही नैनी औद्योगिक क्षेत्र के अनुरक्षण शुल्क में की गई बढ़ोतरी का आदेश वापस ले लिया।