फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : आईटीसी मामले में व्यापारी को हाईकोर्ट से राहत, कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का दिया आदेश

Sat, 23 May 2026 05:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामले में आरोपी व्यापारी को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि याची की फर्म के खिलाफ जीएसटी विभाग ने न तो जीएसटी अधिनियम के तहत कोई नोटिस जारी किया और न ही फर्म का पंजीकरण रद्द किया।
विज्ञापन
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामले में आरोपी व्यापारी को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि याची की फर्म के खिलाफ जीएसटी विभाग ने न तो जीएसटी अधिनियम के तहत कोई नोटिस जारी किया और न ही फर्म का पंजीकरण रद्द किया। ऐसे में उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत का आधार बनता है।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने महावीर शरण पहाड़िया की जमानत अर्जी पर दिया। याची के खिलाफ औरैया के सदर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। जिला अदालत से जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

औरैया स्थित एसएस शारदा ट्रेडिंग कंपनी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण लेकर करीब 2.29 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी लेने का आरोप है। जांच में फर्म को गैर मौजूद बताया गया। शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि उक्त फर्म ने कई कंपनियों को बिना माल आपूर्ति किए आईटीसी पास किया, जिससे राजस्व को नुकसान हुआ।
विज्ञापन


याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि महावीर शरण पहाड़िया का नाम एफआईआर में नहीं है। उनकी फर्म एम/एस सुनील ट्रेडिंग कंपनी का एसएस शारदा ट्रेडिंग कंपनी से कोई सीधा लेनदेन नहीं था। वहीं, राज्य सरकार और जीएसटी विभाग की ओर से जमानत का विरोध करते हुए दलील दी गई कि जांच में यह सामने आया है। कि तीन बिलों के जरिये करीब 5.10 लाख रुपये के लेनदेन पर 2.55 लाख रुपये का आईटीसी पास किया गया। जिसे आवेदक की फर्म ने अपने रिटर्न में क्लेम किया।

कोर्ट ने याची को व्यक्तिगत मुचलका और दो जमानतदारों पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही शर्त लगाई कि वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, किसी गवाह को प्रभावित नहीं करेगा और ट्रायल में नियमित रूप से उपस्थित रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें