इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी फैलाने के आरोपी 12 बांग्लादेशी जमातियों को राहत देते हुए उनके खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है तथा राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। इन सभी के शामली के भवन थाने में महामारी अधिनियम और विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इसके खिलाफ याचिका दाखिल कर छह जून 2020 को दाखिल चार्जशीट और 31 जुलाई 2020 को उस पर संज्ञान लेने के आदेश को रद़द करने की मांग की गई है।
मीर मोहम्मद और 11 अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अनिल कुमार नवम ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ताओं का कहना था कि याचीगण के खिलाफ झूठा मुकदमा कायम किया गया है। महामारी फैलाने में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है। न ही उन्होंने विदेशी नागरिक कानून का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने प्रकरण को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 23 नवंबर को होगी।