देश के दक्षिणी हिस्सों में बुधवार को हुई बारिश और दक्षिण पश्चिम से आने वाली हवाओं से बृहस्पतिवार को पारा गिरा तो जरूर लेकिन लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। पिछले चार दिनों से 46 डिग्री के ऊपर दहक रहे पारे का मिजाज बृहस्पतिवार को थोड़ा शांत रहा पर उमस बढ़ने से लोग बेहाल रहे। रही सही कसर बिजली ने पूरी कर दी, जिससे लोगों का घर में रहना दूभर हो गया। शहर के सभी इलाकों में दिन के साथ देर रात तक बिजली कटौती की गई। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले दो-तीन दिनाें में गरज के साथ हल्की या तेज बारिश होने या फिर चक्रवात आने की संभावना बनी हुई है।
पारा पिछले तीन दिनों से नई ऊंचाइयों को छूता हुआ लगातार औसत से छह डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ था। इससे इलाहाबाद और उसके ऊपरी इलाकों मेें कम वायु दाब का क्षेत्र बनने से दक्षिण पश्चिम से आने वाली हवाओं ने अपना दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिससे बृहस्पतिवार को दिन भर हवाएं चलती रहीं और बीच-बीच में आसमान में बादल भी छाए। हालांकि उन्होंने बारिश नहीं की लेकिन दक्षिण पश्चिमी हवाओं के चलने से जनपद के तापमान में 5.2 डिग्री की कमी आई जबकि नमी में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को अधिकतम पारा 41.5 डिग्री रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम पारे में 1.2 डिग्री की बढ़त दर्ज की गई है।
न्यूनतम पारा 29 डिग्री रिकार्ड किया गया। अधिकतम नमी बुधवार के 62 फीसदी से 14 फीसदी बढ़कर 76 पर पहुंच गई जबकि न्यूनतम नमी में सीधे 20 फीसदी का इजाफा हुआ। न्यूनतम नमी 37 फीसदी रिकार्ड की गई। इससे और दिनों के मुकाबले बृहस्पतिवार को लोगों ने भयानक उमस झेली। सिविल लाइंस, कटरा, कर्नलगंज, दरभंगा कॉलोनी, जार्ज टाउन, टैगोर टॉउन, अलोपीबाग, दारागंज, तेलियरगंज, मम्फोर्डगंज, छोटा बघाड़ा, सलोरी, ओम गायत्रीनगर, चौक, मुट्ठीगंज, कीडगंज, कल्याणी देवी, गऊघाट, करेली सहित शहर पश्चिमी इलाकों में बिजली कटौती से लोग बेहाल रहे। हालांकि आपूर्ति को बेहतर बनाए रखने के लिए विद्युत अधिकारियों के मुताबिक लोड बढ़ने से दिक्कत हुई। बिजली आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास किए गए लेकिन लोड बढ़ने के कारण आपात कटौती की गई।