इलाहाबाद हाईकोर्ट से लखीमपुर खीरी में क्षेत्रीय वनाधिकारी श्याम केवल राम को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनको न केवल पदोन्नति के सारे लाभ प्रदान करने का आदेश दिया है, बल्कि पदावनत के आदेश को रद्द करते हुए सभी लाभों को प्रदान करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से लखीमपुर खीरी में क्षेत्रीय वनाधिकारी श्याम केवल राम को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनको न केवल पदोन्नति के सारे लाभ प्रदान करने का आदेश दिया है, बल्कि पदावनत के आदेश को रद्द करते हुए सभी लाभों को प्रदान करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि क्षेत्रीय वनाधिकारी के खिलाफ 24 मार्च 2008 और आठ सितंबर 2010 को पारित किए गए आदेश का कोई प्रभाव नहीं होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने श्याम केवल राम की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
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याची पर लखीमपुर में क्षेत्रीय वनाधिकारी रहने के दौरान कुछवा पुनर्वास केंद्र की स्थापना के लिए खर्च किए गए धन में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। पुनर्वास केंद्र का निर्माण कार्य 2002-2003 में कराया गया था। केंद्र निर्माण के लिए कुल चार लाख रुपये धनराशि अवमुक्त की गई थी। विभागीय जांच में वित्तीय अनियमितता को मानते हुए याची को पदावनत करते हुए उसके मूल वेतनमान पर भेज दिया गया। याची ने विभागीय कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
याची के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने तर्क दिया कि विभागीय कार्रवाई को सही तरीके से नहीं किया गया। याची को जो आरोप पत्र दिया गया वह सही नहीं है। जो आरोप पत्र दिया गया, कार्रवाई उन मामलों में नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों ने दूसरे आरोपों में कार्रवाई कर दी, जिसकी जानकारी तक याची को नहीं दी गई। इस पर कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याची के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश का रद्द कर पदोन्नति के सभी लाभों को प्रदान करने का आदेश पारित किया।