इसी तरह अपर निजी सचिव (एपीएस)-2023 में भी अभ्यर्थियों ने आयु सीमा में छूट देने की मांग की थी। एपीएस के पदों पर भर्ती दस साल बाद होने जा रही है। हालांकि, अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिली। आयोग सात जनवरी को एपीएस के 328 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कराने जा रहा है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि इस मामले में भी सीएम हस्तक्षेप करें और वर्ष 2024 में एपीएस का नया विज्ञापन जारी कर आयु सीमा में छूट दी जाए।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि भर्तियां नियमित अंतराल में न होने से अभ्यर्थी इंतजार में ओवरएज हो रहे हैं। कोई भर्ती पांच साल बाद तो कोई दस बाद निकाली जा रही है। अगर भर्तियां नियमित अंतराल में होती रहें तो अभ्यर्थियों को समस्या का सामना न करना पड़ा। समिति ने सीएम को पत्र भेज भर्तियां नियमित अंतराल में कराने की मांग की है।
वहीं, प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान ने मांग की है कि आयोग की जो भर्तियां नियमित अंतराल में नहीं हो रहीं हैं, उनमें ओवरएज अभ्यर्थियाें को आयु सीमा में उतनी छूट दी जाए, जितना अंतराल दो भर्तियों के बीच आ रहा है। मोर्चा की ओर से इस मसले पर तीन जनवरी को आयोग में धरना भी प्रस्तावित है। साथ ही आयु सीमा में छूट की मांग को लेकर ज्ञापन भी दिया जाएगा।