गोहरी कांड में 18 दिन बीतने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। मामले में तीन लोगों को जेल भेजने के बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि जेल भेजे गए तीनों आरोपियों के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्य मौजूद हैं और इसीलिए उन पर कार्रवाई की गई।
फाफामऊ के गोहरी में हुए अनुसूचित जाति के परिवार की हत्या के मामले में मृतकों के परिजन भी शक के घेरे में हैं। शायद यही वजह है कि पुलिस अब उनका भी डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में हैं। मंगलवार को मृतक फूलचंद के दो भाइयों लालचंद व किशन का डीएनए सैंपल लिया जा सकता है।
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गोहरी कांड में 18 दिन बीतने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। मामले में तीन लोगों को जेल भेजने के बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि जेल भेजे गए तीनों आरोपियों के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्य मौजूद हैं और इसीलिए उन पर कार्रवाई की गई। लेकिन घटनाक्रम में संलिप्तिता और घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी संबंधी कोई ठोस सबूत अब तक नहीं जुटाया जा सका है। उधर तमाम बिंदुओं पर जांच में जुटी पुलिस के रडार पर मृतकों के परिवारीजन भी हैं और अब उनका भी डीएनए टेस्ट कराए जाने की तैयारी है।
मृतक के भाई लालचंद ने बताया कि एक दिन पहले पुलिस उनके घर पहुंची और बताया कि उसका व उसके भाई किशन का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। उन्होंने सैंपल लेने के लिए सोमवार को बेली अस्पताल ले जाए जाने की बात कही थी। हालांकि भीम आर्मी के लोगों के पहुंचने के कारण सोमवार को सैंपल नहीं लिया जा सका। अब मंगलवार को दोनों को सैंपल कलेक्ट करने के लिए अस्पताल ले जाया जाएगा। माना जा रहा है कि मौके से बरामद सीमेन व फिंगर प्रिंट के नमूनों का मिलान मृतकों के डीएनए सैंपल व फिंगर प्रिंट से कराया जाएगा। उधर इस मामले में पुलिस अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।