इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग का अश्लील वीडियो चाइल्ड पोर्न ग्रुप्स में डालने के आरोपी को जमानत पर रिहा करने से इन्कार कर दिया है और गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत को छह माह में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग का अश्लील वीडियो चाइल्ड पोर्न ग्रुप्स में डालने के आरोपी को जमानत पर रिहा करने से इन्कार कर दिया है और गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत को छह माह में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति डी के सिंह ने झांसी के एरच थाना क्षेत्र के रामगंज गांव के रामजी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिया है। अर्जी पर सीबी ई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व संजय यादव ने प्रतिवाद किया।
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याची का कहना था कि उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। झूठा फंसाया गया है, जबकि सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी ने नाबालिगों का अश्लील वीडियो 55 वाट्स एप ग्रुप्स पर शेयर किया है। 311 वीडियो चाइल्ड पोर्न ग्रुप्स पर अपलोड किया है। इससे उसने 34.798 डालर की कमाई की है। अपराध में पूरी तरह से लिप्त है। कोर्ट ने आरोप की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।