फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद बीएसए संजय कुशवाहा की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। शिक्षा विभाग के अफसरों की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में यह भी बताया गया कि नौकरी करने वाली शिक्षिका ने शैक्षिक दस्तावेज तो अनामिका के लगाए थे लेकिन उसने जो निवास प्रमाणपत्र दिया, वह किसी रीना पुत्री चंद्रभान सिंह के नाम से था, जो फर्रुखाबाद की रहने वाली है।
इसी आधार पर माना गया कि अनामिका के नाम पर नौकरी करने वाली फर्रुखाबाद की रीना है। हालांकि जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि जाली दस्तावेजों पर नौकरी करने वाली शिक्षिका रीना भी नहीं है और उसका नाम सरिता है, जो कानपुर की रहने वाली है। जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। मामले में कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि शिक्षिका की तलाश की जा रही है।