महाकुंभ के प्रथम स्नान पर्व पर संगमनगरी के रेलवे स्टेशनों से बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनों की आवाजाही हुई। प्रयागराज, छिवकी और नैनी स्टेशन की ही बात करें तो सौ से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों की आवाजाही हुई।
खास बात यह रही कि कुंभ 2019 में मौनी अमावस्या से ज्यादा ट्रेनें अब के महाकुंभ के मकर संक्रांति पर चलाईं गईं। अगर नियमित ट्रेनों को भी जोड़ दिया जाए तो एक ही दिन में 400 से ज्यादा ट्रेनों की आवाजाही प्रयागराज के स्टेशनों से हो गई।
मकर संक्राति के मौके पर उम्मीद जताई जा रही थी कि पिछले कुंभ की तुलना में ज्यादा भीड़ जुटेगी। ऐसा हुआ भी। इसी वजह से रेलवे ने समय सारिणी के अलावा ऑन डिमांड ट्रेनें भी तमाम रूटों पर चलाईं। सिर्फ प्रयागराज जंक्शन से ही 50 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चला दी गईं। इसमें अधिकांश मेमू रेक वाली ट्रेनें रहीं।
सामान्य स्पेशल ट्रेनों में दोनों ओर इंजन जोड़े गए। शाम सात बजे तक प्रयागराज, छिवकी और नैनी से 85 ट्रेनें चलाई जा चुकी थी। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि देर रात तक सौ से अधिक मेला स्पेशल का संचालन हो जाएगा। इसके अलावा रूटीन की भी 160 अतिरिक्त ट्रेनें चली। इनमें कानपुर रूट की 40, चुनार रूट की 33 और मानिकपुर रूट की कुल 36 ट्रेनें शामिल हैं।
वहीं, भीड़ बढ़ने पर प्रयाग की जगह प्रयागराज स्टेशन से लखनऊ और अयोध्या की 27 और वाराणसी रूट की 11 ट्रेनें संचालित की गई। उधर उत्तर रेलवे ने प्रयाग, फाफामऊ से 12 स्पेशल एवं प्रयागराज रामबाग एवं झूंसी से 30 स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई। वहीं दूसरी ओर प्रयागराज जंक्शन पर लखनऊ रूट के यात्रियों की भीड़ बढ़ने के बाद उत्तर रेलवे ने अपने कुछ रेक जंक्शन भी भेजे।