Rawatpur village shaken by gunfire
- फोटो : KAUSHAMBI
गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला रावतपुर गांव
सादी लिबास में असलहों से लैस पुलिस वालों को देख ग्रामीण समझे गैंगवार
चायल। दरिंदे और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान रावतपुर गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। सादी वर्दी में असलहों से लैस पुलिस वालों को देख ग्रामीणों ने समझे कि गैंगवार हो गया है। किसान खेतों से भाग निकले। पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। बाद में असलियत पता चलने पर सभी ने पुलिसिया कार्रवाई की सराहना की।
दरिंदे की गिरफ्तारी के लिए जोन स्तर की दो और जिला स्तर की तीन सहित कुल पांच टीमें लगी हुई थीं। सीधे शासन स्तर से मॉनीटरिंग हो रही थी। लिहाजा पुलिस के हाथ-पांव फूले हुए थे। अधिकारियों ने गिरफ्तारी के लिए एंड़ी-चोटी का जोर लगा रखा था। सर्विलांस पर विशेषज्ञों को बैठा दिया गया था। सोमवार दोपहर छोटका की लोकेशन प्रयागराज में मिली तो पुलिस टीमों ने वहां डेरा डाल दिया। इसके बाद शाम को लोकेशन मिलनी बंद हो गई। जिससे पुलिस मायूस हो गई। फिर सुबह कौशाम्बी-प्रयागराज बार्डर पर लोकेशन मिली तो एसओजी प्रभारी और दरोगा राजेश सिंह अपनी-अपनी टीम के साथ पिपरी इलाके की खाक छानने लगे। सटीक लोकेशन मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को देख आरोपी ने पहले भागने का प्रयास किया। फिर फायरिंग करने लगा। जवाब में पुलिस ने भी गोली दागी। दोनों ओर से हुई करीब दर्जन भर राउंड फायरिंग की आवाज सुन ग्रामीण सिहर उठे। खुद गांव वालों ने बताया कि गैंगवार की आशंका से वह अपने घरों में दुबक गए। खेत हो या खलिहान, जो जहां भी था, वहां से भागकर सीधे घर में कैद हो गया। लोगों का डर दूर करने के लिए पुलिस को गांव में जाकर असलियत की जानकारी देनी पड़ी। तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली।