यूनिटों के अनुरूप खाद्यान्न का आवंटन न होने से नए राशनकार्ड धारकों को मुफ्त का चावल और चना नहीं मिल पा रहा है। वहीं नियमित पुराने कार्डधारकों को राशन देने में सर्वर डाउन होना बड़ी मुसीबत है। सर्वर डाउन होने से सस्ता गल्ला विक्रेताओं को दी गई ई पॉश मशीनें नहीं चल पर रही हैं।
इस संबंध में नागरिक संघर्ष मोर्चा की रविवार को कर्नलगंज में फिर बैठक हुई। बैठक के माध्यम से राशन के आवंटन और वितरण की विसंगति को दूर करने की मांग की गई। संयोजक शिवसेवक ने कहा कि लोग परेशान घूम रहे हैं। उन्होंने यूनिटों के आधार खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकी पीएम, सीएम की मंशा के अनुरूप लॉकडाउन में गरीबों को गेहूं, चावल मिल सके।
वक्ताओं ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश पर मार्च में बड़ी संख्या में निरस्त राशनकार्डों के साथ नए राशन कार्ड भी बनाए गए। नियम ऐसे हैं कि नए राशन कार्ड धारकों के हिस्से का राशन दुकानों तक नहीं पहुंचा। अफसर बता रहे हैं कि सबको राशन दिया जाएगा, पर जब आवंटन ही नहीं है तो हजारों लोगों को कैसे राशन मिलेगा यह बड़ा सवाल है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लोगों ने जन सुविधा केंद्रों पर जाकर दो सौ रुपये तक खर्च कर कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई। अब सूची में किसी तरह नाम दर्ज हो गया तो उनके हिस्से का राशन दुकानों तक नहीं पहुंचाया जा सका। वरिष्ट पार्षद रतन दीक्षित ने जिलाधिकारी से नए राशन कार्डों के अनुरूप खाद्दान्न आवंटित कराकर वितरित कराने की मांग की है।
वहीं कर्नलंग में रविवार को हुई बैठक में पार्षद आनं द घिल्डियाल, कमलेश सिंह, अशोक सिंह, अजय यादव, रंजन कुमार, सुशील कुमार, अमरजीत यादव, पूर्व पार्षद चंद्र प्रकाश गंगा, चंद्र शेखर बच्चा, दिनेश गुप्ता छेदी आदि ने भी यूनिटों के आधार राशन आवंटन और सभी नए, पुराने राशनकार्ड धारकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग डीएम से की है।